1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. चीन की चाल में फंसा नेपाल! ओली सरकार ने स्वीकार की 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि

चीन की चाल में फंसा नेपाल! ओली सरकार ने स्वीकार की 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि

 Published : Dec 02, 2024 06:06 pm IST,  Updated : Dec 02, 2024 06:06 pm IST

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चीन के दौरे पर हैं। इस बीच सूचना एवं संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने कहा है कि नेपाल ने चीन से अनुदान सहायता के रूप में दो करोड़ अमेरिकी डॉलर की परियोजनाओं को स्वीकार करने का निर्णय लिया है।

Nepal PM KP Sharma Oli- India TV Hindi
Nepal PM KP Sharma Oli Image Source : FILE

काठमांडू: नेपाल ने चीन से अनुदान सहायता के रूप में दो करोड़ अमेरिकी डॉलर की परियोजनाएं स्वीकार की हैं। यह जानकारी तब सामने आई है जब प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चीन की यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर चौथी बार पदभार ग्रहण करने के बाद यह ओली की पहली चीन यात्रा है। सूचना एवं संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने संवाददाताओं से कहा कि चीन से अनुदान सहायता के रूप में दो करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 2.70 अरब नेपाली रुपये) की परियोजनाओं को स्वीकार करने का निर्णय लिया गया है। 

चीन की यात्रा पर हैं पीएम ओली

सरकारी प्रवक्ता गुरुंग के अनुसार, इसके अलावा मंत्रिमंडल ने चीन सरकार द्वारा प्रस्तावित 5.60 अरब नेपाली रुपये मूल्य की परियोजनाओं के लिए 30 करोड़ चीनी युआन (लगभग 41 लाख अमेरिकी डॉलर) की राशि स्वीकार करने का भी निर्णय लिया है। नेपाल के प्रधानमंत्री ओली सोमवार को ही चीन की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए हैं। इस यात्रा के दौरान उनका चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करने का कार्यक्रम है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ओली अपने चीनी समकक्ष ली क्विंग के निमंत्रण पर बीजिंग की यात्रा कर रहे हैं।

पीएम ओली ने कहा क्या था?

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चीन दौरे से पहले कह था कि उनकी यात्रा के दौरान ऋण के संबंध में कोई समझौता नहीं होगा। ओली ने साफ कहा था, ‘‘हम अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर किसी भी देश या एजेंसी से ऋण या अनुदान तब लेते हैं, जब हमें इनकी जरूरत होती है। हमें इस आधारहीन अफवाह से प्रभावित नहीं होना चाहिए कि देश को कर्ज के बोझ तले फंसाने के लिए ऋण लिया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘चीन के साथ हमारे मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। हम संप्रभुता, स्वतंत्रता और आजादी के साथ-साथ राष्ट्र कल्याण और वैश्विक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।’’ 

यह भी पढ़ें:

पाकिस्तान में बच्चों ने खिलौना समझकर उठा लिया बम, सगे भाइयों समेत 3 की मौत

कराची से लेकर लाहौर तक, पाकिस्तान में बेहद स्लो हुआ इंटरनेट; जानिए क्या है वजह

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश