इस्लामाबाद: पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। मीडिया की खबरों में मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी गई है। इमरान खान ने नौ मई की हिंसा और पिछले साल हुए आम चुनावों में कथित धांधली की न्यायिक जांच की मांग के लिए याचिका दायर की थी।
पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ करेगी सुनवाई
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार' की खबर के अनुसार, न्यायमूर्ति अमीनुद्दीन खान की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ इमरान खान की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इमरान खान ने नौ मई की हिंसा की जांच के लिए दिसंबर 2024 में याचिका दायर की थी।
भड़क उठी थी हिंसा
गौरतलब है कि, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से नौ मई 2023 को अर्धसैनिक रेंजर्स द्वारा इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पाकिस्तान में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे थे। इमरान के समर्थकों ने जिन्ना हाउस (लाहौर कॉर्प्स कमांडर का घर) और फैसलाबाद स्थित आईएसआई कार्यालय सहित कई सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी।

इमरान ने लगाए हैं गंभीर आरोप
इमरान का आरोप है कि नौ मई की घटनाओं को उनके राजनीतिक विरोधियों ने सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था। इमरान खान का कहना है कि उन्हें हिंसा से जुड़े मामलों में "राजनीतिक प्रतिशोध" के कारण फंसाया गया है।
इमरान ने दायर की थी याचिका
जियो न्यूज की खबर के अनुसार, इमरान खान ने मार्च 2024 में उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर पाकिस्तान में आठ फरवरी को हुए आम चुनावों की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग के गठन की मांग की थी। पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का दावा है कि पार्टी ने आठ फरवरी 2024 को हुए आम चुनावों में जीत दर्ज की थी, लेकिन बड़े पैमाने पर हुई धांधली के जरिए उसका जनादेश 'चुरा' लिया गया।

जेल में बंद हैं इमरान खान
सरकार और चुनाव अधिकारियों ने इमरान खान और उनकी पार्टी के आरोपों को खारिज कर दिया है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन पर कई मामले दर्ज हैं और कुछ में उन्हें सजा भी सुनाई जा चुकी है। वर्तमान में वह रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। (भाषा)
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