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कर्ज में डूबे पाकिस्तान पर होगा वज्रपात! 18 अरब डॉलर का भरना पड़ सकता है जुर्माना, जानिए वजह

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Mar 02, 2023 01:19 pm IST,  Updated : Mar 02, 2023 01:19 pm IST

पाकिस्तान पर एक और वज्रपात हो सकता है। तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (टीएपीआई) पाइपलाइन के पूरा नहीं होने पर पाकिस्तान के ऊपर कोई छोटी मोटी राशि नहीं बल्कि 18 अरब डॉलर का जुर्माना लग सकता है।

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कर्ज में डूबे पाकिस्तान पर होगा वज्रपात! 18 अरब डॉलर का भरना पड़ सकता है जुर्माना Image Source : FILE

Pakistan News: कंगाली की हालत से गुजर रहे पाकिस्तान की परे​शानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। बल्कि यह और बढ़ती ही जा रही हैं। देश दिवालिया होने की कगार पर है और यह देश कर्ज के लिए मोहताज है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान पर एक और वज्रपात हो सकता है। तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (टीएपीआई) पाइपलाइन के पूरा नहीं होने पर पाकिस्तान के ऊपर कोई छोटी मोटी राशि नहीं बल्कि 18 अरब डॉलर का जुर्माना लग सकता है। 

पाकिस्तान की लोक लेखा समिति (पीएसी) को सूचित किया गया कि समझौते के तहत निर्धारित समय सीमा में पाकिस्तान-ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना पूरी नहीं करने के लिए पाकिस्तान पर 18 अरब डॉलर का जुर्माना लगने का खतरा मंडरा रहा है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल असेंबली (एनए) की शीर्ष समिति ने नूर आलम खान की अध्यक्षता में मुलाकात की और गैस अवसंरचना विकास उपकर में 332 अरब पीकेआर के अनुपयोग पर विचार-विमर्श किया।

सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित परियोजनाओं पर प्रगति की मांग करते हुए, बारगीस ताहिर ने कहा कि 325 अरब पाकिस्तानी रुपए प्राप्त हुए, लेकिन केवल 2 अरब पाकिस्तानी रुपए खर्च किए गए। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सैयद हुसैन तारिक ने कहा कि फंड बेकार पड़ा हुआ है और परियोजना रूकी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के साथ गैस पाइपलाइन परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई तो पाकिस्तान को जुर्माना भरना पड़ सकता है।

सचिव पेट्रोलियम ने आश्चर्य व्यक्त किया कि जब पेट्रोलियम विभाग को 2.8 अरब पाकिस्तानी रुपए प्राप्त हुए तो 325 अरब पाकिस्तानी रुपए का आंकड़ा कैसे सामने आया। सचिव ने तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (टीएपीआई) पाइपलाइन परियोजना में सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बैठक में यह भी बताया कि पाकिस्तान ने राहत मांगने के लिए ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना के बारे में अमेरिका से बात की है। उन्होंने बताया कि ईरान से गैस आयात करने पर प्रतिबंध है और पाकिस्तान इसे नहीं खरीद सकता है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि उन्होंने आगे कहा कि पिछले तीन से चार महीनों के दौरान रूस के साथ कई बैठकें हुई हैं।

मोहसिन अजीज ने कहा कि तीन परियोजनाओं के लिए लेवी वसूल की गई और यह खेदजनक है कि उनमें से किसी पर भी कोई प्रगति नहीं हुई। कमेटी के सदस्यों ने पूछा कि ईरान गैस पाइपलाइन समय पर पूरा नहीं करने पर पाकिस्तान पर कितना जुर्माना लगाया जा सकता है। सचिव पेट्रोलियम ने जवाब दिया कि समझौते के अनुसार जुर्माना 18 अरब डॉलर हो सकता है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि उन्होंने अमेरिकी राजदूत से कहा है कि या तो उन्हें परियोजना के साथ आगे बढ़ने की अनुमति दें या जुर्माना भरने के लिए उन्हें पैसे दें।

इसके बाद अध्यक्ष ने विदेश मंत्रालय को अमेरिकी दूत को बुलाने और स्थिति की गंभीरता के बारे में सूचित करने का निर्देश दिया। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पेट्रोलियम सचिव द्वारा बताए गए दो विकल्पों को भी दोहराया।

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