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यूरोप ने ईरान के खिलाफ संघर्ष बढ़ने पर अमेरिका को किया आगाह

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 13, 2019 10:16 pm IST,  Updated : May 13, 2019 10:16 pm IST

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अंतिम क्षणों में ब्रसेल्स की यात्रा करने का फैसला किया, जहां उन्होंने 2015 के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले तीन यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के अपने समकक्षों से मुलाकात की।

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यूरोप ने ईरान के खिलाफ संघर्ष बढ़ने पर अमेरिका को किया आगाह

ब्रसेल्स: यूरोप ने ईरान परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका से और तनाव नहीं बढ़ाने का अनुरोध किया। वहीं, ब्रिटेन ने खाड़ी में ‘‘अकस्मात रूप से’’ संघर्ष पैदा होने के खतरे को लेकर सख्त चेतावनी दी है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अंतिम क्षणों में ब्रसेल्स की यात्रा करने का फैसला किया, जहां उन्होंने 2015 के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले तीन यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के अपने समकक्षों से मुलाकात की। प्रतिबंधों से राहत के बदले में ईरान की परमाणु आकांक्षाओं पर लगाम लगाने के लिए यह समझौता किया गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साल पहले इस समझौते से अलग होने का फैसला किया जिसके बाद गत सप्ताह ईरान ने घोषणा की कि वह समझौते के तहत किए गए अपने कुछ वादों को निलंबित कर रहा है।

कूटनीतिक तनावों में सैन्य आयाम जोड़ते हुए अमेरिका ईरान की ओर से उत्पन्न कथित खतरे का मुकाबला करने के लिए फारस की खाड़ी में एक विमानवाहक पोत और बी-2 बमवर्षक विमानों की तैनाती कर रहा है। पोम्पिओ की ब्रसेल्स यात्रा की घोषणा अंतिम क्षणों में की गई और अगर वह ईरान के खिलाफ एकता का प्रदर्शन करने की उम्मीद से यहां आए हैं तो उन्हें निराशा हाथ लगी क्योंकि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सभी ने सार्वजनिक तौर पर अमेरिका के कट्टर रुख की आलोचना की। यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए यहां पहुंचे हंट ने कहा, ‘‘हम तनाव बढ़ने के साथ एक दुर्घटना से संघर्ष पैदा होने के खतरे को लेकर चिंतित है। हो सकता है कि किसी भी पक्ष की संघर्ष की मंशा नहीं हो लेकिन इसका खात्मा किसी तरह के संघर्ष से ही होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें शांति की जरुरत है, यह सुनिश्चित करने की जरुरत है कि हर कोई समझे कि दूसरा पक्ष क्या सोच रहा है और सबसे ज्यादा हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम ईरान को फिर से परमाणु सशस्त्रीकरण की राह पर नहीं भेजें क्योंकि अगर ईरान परमाणु शक्ति बनेगा तो उसके पड़ोसी भी परमाणु शक्ति बनना चाहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह पहले ही दुनिया में सबसे ज्यादा अस्थिर क्षेत्र है और यह गलत दिशा में बड़ा कदम होगा।’’ यूरोपीय संघ की कूटनीतिक प्रमुख फेडेरिका मोगेरिनी ने वार्ता की जरुरत पर जोर देते हुए कहा कि ‘‘क्षेत्र में मतभेदों को हल करने और संघर्ष से बचने का यह एकमात्र और सबसे अच्छा तरीका है।’’ मोगेरिनी ने कहा, ‘‘हम ईरान के साथ परमाणु समझौते, उसके क्रियान्वयन का पूरी तरह समर्थन करते रहेंगे।’’

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