1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. यूरोपीय आयोग ने गूगल पर लगाया 5 अरब डॉलर का जुर्माना

यूरोपीय आयोग ने गूगल पर लगाया 5 अरब डॉलर का जुर्माना

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 19, 2018 06:50 am IST,  Updated : Jul 19, 2018 06:50 am IST

यूरोपीय आयोग ने गूगल पर अपने सर्च इंजन के प्रभुत्व को मजूबत करने के लिए अवैध रूप से एंड्रायड मोबाइल डिवाइसों से प्रयोग को लेकर बुधवार को रिकार्ड 4.34 अरब यूरो (5 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है।

 European Commission imposes 5 billion dollar fine on...- India TV Hindi
 European Commission imposes 5 billion dollar fine on Google

ब्रसेल्स: यूरोपीय आयोग ने गूगल पर अपने सर्च इंजन के प्रभुत्व को मजूबत करने के लिए अवैध रूप से एंड्रायड मोबाइल डिवाइसों से प्रयोग को लेकर बुधवार को रिकार्ड 4.34 अरब यूरो (5 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है। प्रौद्योगिकी दिग्गज ने कहा कि इसके खिलाफ वह अपील करेगी। आयोग के मुताबिक, गूगल ने साल 2011 से एंड्रायड डिवाइस निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं पर सामान्य इंटरनेट सर्च में अपनी प्रमुख स्थिति के मद्देनजर अवैध रूप से रोक लगा रखी थी। आदेश में कहा गया कि गूगल को 90 दिनों के अंदर अपने आचरण को प्रभावी रूप से बदलना होगा या अतिरिक्त जुर्माना का सामना करना होगा। (थाईलैंड: गुफा से रेस्क्यू के बाद पहली बार पब्लिक के सामने आई युवा फुटबॉल टीम, बताई पूरी कहानी)

इस आदेश पर गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने कहा कि कंपनी अयोग के फैसले के खिलाफ अपील करेगी। पिचाई ने इस फैसले के तुरंत बाद एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, "लगातार नवाचार, व्यापक पसंद, और गिरती कीमतें तेज प्रतिस्पर्धा का मजबूत सबूत है। एंड्रायड ने इसे सक्षम किया है और हर किसी के लिए व्यापक विकल्प और पसंद पैदा किया है। यही कारण है कि एंड्रायड के खिलाफ आज दिए गए फैसले के खिलाफ अपील करना चाहते हैं।" गूगल के सीईओ के मुताबिक, इस तथ्य की अनदेखी की गई है कि एंड्रायड फोन्स आईओएस फोन्स का मुकाबला करते हैं।

पिचाई ने लिखा, "एंड्रायड ने हजारो फोन निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क प्रदाताओं को कितना अधिक च्वाइस दिया है, जो एंड्रायड फोन बनाते और बेचते हैं। दुनिया भर के लाखों एप डेवलपर्स ने एंड्रायड के साथ अपना उद्यम तैयार किया है और अरबों ग्राहक अब नवीनतम एंड्रायड स्मार्टफोन को खरीदने और उसका प्रयोग करने में सक्षम हैं।" आयुक्त मार्गेट वेस्टेगर जो प्रतिस्पर्धा नीति की प्रभारी भी हैं। उनके मुताबिक यह मामला गूगल द्वारा लगाए गए तीन तरह के प्रतिबंधों का है, जो इसने एंड्रायड डिवाइस निर्माताओं और नेटवर्क ऑपरेटरों पर लगाए हैं, ताकि एंड्रायड डिवाइस का ट्रैफिक गूगल के सर्च इंजन को ही जाए और किसी अन्य को नहीं।

वेस्टेगर ने कहा, "इस तरीके से गूगल ने एंड्रायड का इस्तेमाल सर्च इंजन में अपना प्रभुत्व बढ़ाने के लिए किया है। इसके कारण प्रतिद्वंद्वियों को नवाचार करने और प्रतिभा के आधार पर प्रतिस्पर्धा करने के मौके से वंचित कर दिया है। उन्होंने यूरोपीय उपभोगकर्ताओं को महत्वपूर्ण मोबाइल क्षेत्र में प्रभावी प्रतिस्पर्धा के लाभों से वंचित किया है। यह ईयू के एंटी-ट्रस्ट नियमों के तहत अवैध है।" विशेष रूप से गूगल ने गूगल एप स्टोर (प्ले स्टोर) का लाइसेंस निर्माताओं को जारी करने के लिए यह पूर्व शर्त लगाई है कि वे गूगल के सर्च एप और ब्राउसर एप (क्रोम) को प्री-इंस्टाल करें। अपने एप को प्रीइंस्टाल करवाने के लिए गूगल ने बड़े निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों को भुगतान भी किया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश