लंदन: विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि सिर्फ़ लॉकडाउन से कोरोना वायरस काबू नहीं होगा। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि बाद में यह वायरस फिर से पैर न पसारने लगे इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य के उपाए ज़रूरी हैं। डब्ल्यूएचओ की यह चेतावनी उन देशों के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है जिन देशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद ख़राब स्थिति में है और कोरोना वायरस से लड़ने के लिए तैयारी भी नहीं हुई है। बता दें कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए भारत सहित दुनिया भर में लॉकडाउन यानी देशों को पूरी तरह बंद करने का रास्ता अपनाया जा रहा है।
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संगठन के आपातकाल विशेषज्ञ माइक रायन ने कहा, 'हमें अभी इस बात पर फोकस करने की जरूरत है कि जो बीमार हैं, जो इस वायरस से ग्रसित हैं, उन्हें आइसोलेट किया जाना चाहिए। वो लोग किनके संपर्क में आए थे, उनका पता लगाना चाहिए और उन्हें भी आइसोलेट करना चाहिए। अगर हम सख्त तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को नहीं अपनाते हैं, तो लॉकडाउन के साथ भी खतरा बरकरार है।'
उन्होंने आगे कहा, 'जब लॉकडाउन या अन्य पाबंदियां हटेंगी तो यह बीमारी फिर से लोगों को अपना शिकार बनाएगी।' माइक रायन ने इसके लिए चीन, सिंगापुर और साउथ कोरिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन देशों ने सख्ती के साथ बचाव उपाय किए और हर संदिग्ध की जांच की। एक बार जब इसे फैलने से रोक दिया जाए तो इसके बाद भी इसकी समीक्षा करनी होगी।
गौरतलब है कि राजस्थान और पंजाब के बाद दिल्ली, उत्तराखंड, नागालैंड, तेलंगाना, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, बिहार, यूपी के 15 और हरियाणा के 7 जिलों में लॉक डाउन का ऐलान किया गया है। कई औऱ राज्यों मे भी लॉक डाउन की घोषणा की जा सकती है।
बता दें कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है जबकि विभिन्न हिस्सों में रविवार को नये मामले आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 395 पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि रविवार को गुजरात, बिहार और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से मौत के एक-एक मामले सामने आए हैं। इससे पहले कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब में एक-एक मौत हुई थी।