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फ्रांस ने लिया बड़ा निर्णय, मुस्लिम छात्राओं को स्कूल में अबाया पहनने पर लगाया प्रतिबंध

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Aug 28, 2023 04:51 pm IST,  Updated : Aug 28, 2023 04:51 pm IST

4 सितंबर को नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। उसी समय यह फैसला लागू किया जाएगा। फ्रांस में स्कूलों और सरकारी भवनों में धार्मिक संगठनों पर सख्त बैन लगा दिया गया है।

फ्रांस ने लिया बड़ा निर्णय, मुस्लिम छात्राओं को स्कूल में अबाया पहनने पर लगाया प्रतिबंध- India TV Hindi
फ्रांस ने लिया बड़ा निर्णय, मुस्लिम छात्राओं को स्कूल में अबाया पहनने पर लगाया प्रतिबंध Image Source : AP FILE

France: फ्रांस में अब मुस्लिम छात्राएं अबाया पहनकर नहीं जा सकेंगी। इस बात का फैसला फ्रांस के शिक्षा मंत्री ने लिया है। इस फैसले से इस देश की मुस्लिम आबादी नाराज हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शिक्षा मंत्री ने कहा है कि फ्रांस के सरकारी स्कूलों में छात्रों को अबाया पहनने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। 4 सितंबर को नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। उसी समय यह फैसला लागू किया जाएगा। फ्रांस में स्कूलों और सरकारी भवनों में धार्मिक संगठनों पर सख्त बैन लगा दिया गया है। उसका कहना था कि ये संकेत धर्मनिरपेक्ष कानूनों का उल्लंघन करते हैं। 

बुर्का से किस तरह अलग होता है अबाया?

अबाया और बुर्का को कुछ लोग एक ही चीज समझते हैं। लेकिन यह अलग अलग होते हैं। अबाया एक ढीला, बहने वाला परिधान है जो शरीर को कंधों से लेकर पैरों तक ढकता है। बुर्का पूरे शरीर को ढंकने वाला एक कपड़ा है जिसमें आंखों के ऊपर एक जालीदार स्क्रीन होती है। दोनों परिधान मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाते हैं, लेकिन दोनों ही अलग हैं।

शिक्षा मंत्री गेब्रियल अटाल ने फ्रांस के टीएफ1 टीवी को इस फैसले के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी। उन्‍होंने कहा, 'जब आप कक्षा में प्रवेश करते हैं, तो आपको केवल विद्यार्थियों को देखकर उनके धर्म की पहचान करने में सक्षम नहीं होना चाहिए। इसलिए मैंने फैसला किया है कि स्‍कूल में अबाया नहीं पहना जा सकता है।'

अबाया पहनने वाली छात्राओं की संख्‍या में इजाफा

फ्रांस के स्‍कूलों में अबाया पहनकर आने वाली लड़कियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इस वजह से यहां पर बड़े स्‍तर पर राजनीतिक मतभेद भी पैदा हो गए हैं। दक्षिणपंथी पार्टियां इस पर प्रतिबंध लगाने पर जोर दे रही थीं। जबकि लेफ्ट विंग का कहना था कि इस तरह के फैसले मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों पर चिंता जाहिर करते हैं। अटाल के मुताबिक गर्मी की छुट्टियों के बाद जब स्‍कूल खुलेंगे तो उससे पहले वह नियमों को राष्‍ट्रीय स्‍तर पर स्‍पष्‍ट कर देंगे। साल 2010 में, फ्रांस ने पूरे चेहरे पर पहने जाने वाले नकाब को सार्वजनिक तौर पर प्रतिबंधित कर दिया था। इस फैसले ने देश के 50 लाख वाली मुस्लिम आबादी को नाराज कर दिया था। 

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