1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. किसने किए रोहिंग्याओं के सिर कलम, UN ने की म्यांमार के रखाइन में हिंसा की कड़ी निंदा

किसने किए रोहिंग्याओं के सिर कलम, UN ने की म्यांमार के रखाइन में हिंसा की कड़ी निंदा

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : May 24, 2024 11:54 pm IST,  Updated : May 24, 2024 11:54 pm IST

म्यांमार के रखाइन हिंसा में रोहिंग्याओं के सिर कलम किए जाने का मामला सामने आने से यूएन भी हैरान है। संयुक्त राष्ट्र ने रखाइन हिंसा की कड़ी निंदा की है। साथ ही म्यांमार की सेना को इसके लिए सख्त चेतावनी भी दी है।

रोहिंग्याओं पर हिंसा की प्रतीकात्मक फोटो। - India TV Hindi
रोहिंग्याओं पर हिंसा की प्रतीकात्मक फोटो। Image Source : REUTERS

जिनेवाः संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने म्यांमार के रखाइन प्रांत में रोहिंग्याओं के सिर कलम किए जाने समेत अन्य हिंसा की कड़ी निंदा की है। यूएन ने ताजा हिंसा के प्रभाव के बारे में "भयानक और परेशान करने वाली खबर" के बारे में शुक्रवार को चेतावनी दी, जो सेना और उससे लड़ने वाले एक जातीय सशस्त्र समूह द्वारा रोहिंग्या नागरिकों पर ताजा हमलों की ओर इशारा करती है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की प्रवक्ता लिज थ्रोसेल ने हाल के सप्ताहों में हुई हिंसा का हवाला दिया, जिसमें बुथिदाउंग शहर में आगजनी, हवाई हमले, निहत्थे ग्रामीणों पर गोलीबारी, सिर कलम करने की खबरों का उल्लेख किया।

जिनेवा में एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘हमें म्यांमार के रखाइन प्रांत से दिल दहलाने और परेशान करने वाली खबों मिल रही है, जो वहां जारी हिंसा के कारण लोगों के जानमाल के संकट की स्थिति को दर्शाती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रोहिंग्या नागरिकों की हत्या और उनकी संपत्ति को जलाने जैसे गंभीर आरोप चिंतित करने वाले हैं।’’ उन्होंने उपग्रह की तस्वीरों, लोगों के बयानों और ऑनलाइन वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि हाल के दिनों में हुई हिंसा के कारण बुथिदाउंग में हजारों लोग बेघर हो गए हैं। ऑनलाइन वीडियो से पता चला है कि बड़े पैमाने पर शहर में आगजनी की गई है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी माउंगदो में शुरू हुए संघर्ष के कारण ‘‘स्पष्ट तौर पर यह हिंसा फैली है।

म्यांमार की सेना पर आरोप

थ्रोसेल ने म्यांमार की सेना और अराकान सेना द्वारा रोहिंग्या नागरिकों पर ताजा हमलों की निंदा की। अराकान सेना रखाइन जातीय अल्पसंख्यक समूह के लड़ाकों की सेना है। अराकान सेना की राजनीतिक शाखा ‘यूनाइटेड लीग ऑफ अराकान’ ने शुक्रवार देर रात ऑनलाइन माध्यम से जारी किए बयान में कहा कि युद्ध क्षेत्र में मौजूद नागरिकों ने उनकी सेना के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में शरण ली थी। इसने कहा कि वह ‘‘जाति या धर्म की परवाह किए बगैर आंतरिक रूप से विस्थापित इन लोगों (आईडीपी) की सुरक्षा और देखभाल के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।’’ हालांकि, रोहिंग्या कार्यकर्ताओं ने मौजूदा हिंसा के लिए अराकान सेना को जिम्मेदार ठहराया है। (एपी) 

यह भी पढ़ें

सिंगापुर में 6 वर्षीय बच्चे को भारतीय मूल की महिला ने कलम के वार से कर दिया लहूलुहान, 8 साल की हो सकती है सजा

रूस ने अमेरिकी सैनिक को किया गिरफ्तार, प्रेमिका से मिलने के बहाने दक्षिण कोरिया से गया था मॉस्को

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश