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ब्रिटेन में यौन अपराधियों को बनाया जाएगा 'नपुंसक', हैरान कर देगी इस फैसले के पीछे की वजह

 Published : May 23, 2025 07:43 am IST,  Updated : May 23, 2025 07:43 am IST

ब्रिटेन सरकार ने यौन अपराधियों के लिए केमिकल कास्ट्रेशन योजना शुरू की है, जिससे उनकी यौन इच्छाएं नियंत्रित होंगी। इसका उद्देश्य दोबारा अपराध रोकना और जेलों की भीड़ कम करना है।

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ब्रिटेन की न्याय मंत्री शबाना महमूद। Image Source : AP

लंदन: ब्रिटेन की सरकार ने यौन अपराधियों के लिए एक नया कदम उठाया है जिसमें उनकी यौन इच्छाओं को दबाने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे 'केमिकल कास्ट्रेशन' कहा जा रहा है यानी कि केमिकल के इस्तेमाल से ऐसे अपराधियों को 'नपुंसक' बना दिया जाएगा। हैरान करने वाली बात यह है कि ये कदम जेलों में जगह की कमी की समस्या से निपटने के लिए उठाया गया है और माना जा रहा है कि इससे अपराध की दर में भी कमी आएगी। न्याय मंत्री शबाना महमूद ने गुरुवार को संसद में बताया कि इस योजना को 20 जेलों में 2 क्षेत्रों में शुरू किया जाएगा और इसे अनिवार्य करने पर विचार हो रहा है।

कई देशों में इस्तेमाल हो रहा है यह तरीका

शबाना महमूद ने कहा, 'यह जरूरी है कि इस तरीके के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक इलाज भी किए जाएं, जो अपराध के दूसरे कारणों जैसे ताकत और कंट्रोल की चाहत पर असर करें।' हालांकि जांच में यह सामने आया है कि यह इलाज उन अपराधियों के लिए उपयुक्त नहीं है, जो शक्ति और नियंत्रण की चाहत से अपराध करते हैं, जैसे कि रेपिस्ट। लेकिन स्टडी के मुताबिक केमिकल कास्ट्रेशन से दोबारा अपराध करने की दर में 60 फीसदी तक की कमी आ सकती है। यह तरीका जर्मनी और डेनमार्क में स्वैच्छिक आधार पर और पोलैंड में कुछ अपराधियों के लिए अनिवार्य रूप से इस्तेमाल हो रहा है।

कंजर्वेटिव सरकार पर बरसीं शबाना महमूद

यौन अपराधियों को 'नपुंसक' बनाने का यह सुझाव पूर्व न्याय मंत्री डेविड गॉक की अगुवाई वाली एक व्यापक समीक्षा का हिस्सा है, जिसमें जेल व्यवस्था को सुधारने और अपराध कम करने के तरीकों पर विचार किया गया। शबाना महमूद ने पिछले साल जुलाई में लेबर पार्टी के सत्ता में आने के बाद सबसे पहले जेलों में जगह खाली करने के लिए कैदियों की जल्दी रिहाई का प्रोग्राम शुरू किया था। उन्होंने कहा कि पिछली कंजर्वेटिव सरकार ने न्याय व्यवस्था को बरसों तक नजरअंदाज किया, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि जेलों में जगह की कमी हुई तो पुलिस को गिरफ्तारियां रोकनी पड़ेंगी और अपराधी खुलेआम घूमेंगे।

जेलों में जगह बनाने के लिए की गईं ये सिफारिशें

समीक्षा में यह भी सुझाव दिया गया कि अच्छे व्यवहार के लिए कैदियों को पहले रिहा किया जाए, जजों को ड्राइविंग पर बैन लगाने जैसी सजा देने की ज्यादा छूट दी जाए, और 12 महीने से कम की सजा को खत्म कर कठोर सामुदायिक सजा दी जाए। इसके अलावा, 3 साल या उससे कम सजा पाने वाले विदेशी नागरिकों को तुरंत निर्वासित करने की सिफारिश भी की गई है। हालांकि, कंजर्वेटिव पार्टी के न्याय प्रवक्ता रॉबर्ट जेनरिक ने चेतावनी दी कि छोटी सजाओं को खत्म करने से चोरी, सेंधमारी और लोगों पर हमले जैसे अपराध तो गुनाह ही नहीं रह जाएंगे।

ब्रिटेन की जेलों में बंद कैदियों की संख्या में इजाफा

रॉबर्ट जेनरिक ने इलेक्ट्रॉनिक टैग को भी 'आग बुझाने के लिए धुएं के अलार्म जितना बेकार' बताया। जवाब में, शबाना महमूद ने कहा कि वह कंजर्वेटिव सरकार के द्वारा की गई गड़बड़ियों को ठीक कर रही हैं और 19वीं सदी के बाद से जेलों का सबसे बड़ा विस्तार शुरू किया गया है। बता दें कि ब्रिटेन में पिछले 3 दशकों में जेलों की आबादी दोगुनी होकर करीब 90,000 हो गई है, भले ही अपराध की दर घटी हो। इसका कारण अपराध के प्रति सख्ती की मांग के बीच लंबी सजाओं का चलन है। इस नई नीति से सरकार जेलों की भीड़ कम करने और अपराधियों के पुनर्वास पर जोर दे रही है। (एपी)

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