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चीन के छूटेंगे पसीने! अमेरिकी वायु सेना को मिलने जा रहा सबसे ताकतवर सैन्य विमान बी-21 रेडर, जानिए क्या हैं खासियत

 Written By: Shilpa @Shilpaa30thakur
 Published : Dec 01, 2022 07:24 am IST,  Updated : Dec 01, 2022 02:42 pm IST

B-21 Raider Aircraft: अमेरिका की वायु सेना को बस एक दिन बाद बेहद ताकतवर सैन्य विमान मिलने वाला है। जिसमें खूबियां ये है कि विमान डिजिटल बॉम्बर की तरह काम करेगा। इसे रडार से भी पकड़ा नहीं जा सकता।

अमेरिका का सैन्य विमान बी-21 रेडर- India TV Hindi
अमेरिका का सैन्य विमान बी-21 रेडर Image Source : TWITTER

अमेरिकी वायु सेना को 2 दिसंबर को आधुनिक तकनीक से लैस बी-21 रेडर सैन्य विमान मिलने जा रहा है। जिसे नॉर्थरोप ग्रमम कंपनी ने तैयार किया है। बे-21 रेडर, बी-1 और बी-2 की जगह लेगा। यह स्टील्थ बॉम्बर नई जनरेशन के बी-21 मिलिट्री एयरक्राफ्ट हैं, जो अब तक का सबसे ताकवक विमान है। यह सेना को 2 दिसंबर को सौंप दिया जाएगा और अगले साल 2023 के शुरुआत में तैनाती के लिए तैयार होगा। यह धीरे-धीरे वर्तमान में मौजूद सेना के बीड-1 और बी-2 स्टील्थ बॉम्बर की जगह लेगा। 

विमान बी-21 को मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टर नॉर्थरोप ग्रमम ने डिजाइन किया है। नॉर्थरोप के उपाध्यक्ष डग यंग ने कहा, 'यह अब तक का बनाया गया सबसे उन्नत सैन्य विमान है।'ब्रिटिश मीडिया वेबसाइट मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया के पामडेल में फिलहाल छह बी-21 स्टील्थ बमवर्षक विमानों का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कीमत प्रति विमान करीब 2 बिलियन डॉलर है।

जानिए क्या हैं इसके फीचर्स

नॉर्थरोप ग्रमम के अनुसार, नया विमान "लंबी दूरी का डिजिटल बॉम्बर होगा, जो तेज और फुर्तीली तकनीक और क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग करने में सक्षम है"। B-2 मॉडल 30 से अधिक वर्षों से सेवा में है। वायु सेना प्रमुख जनरल सीक्यू ब्राउन जूनियर ने कहा कि बी-21 रेडर का प्रक्षेपण हमारी वायु सेना और राष्ट्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा।

उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी सैन्य इतिहास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। विमान का नाम इसके उपनाम "रेडर" के नाम पर भी रखा गया है, जो 1942 के डुलटिटल रेड से लिया गया था, जिसमें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान टोक्यो और जापानी द्वीपों के खिलाफ पहले हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल जेम्स डुलटिटल ने सेना का नेतृत्व किया था। नॉर्थरोप ने कहा कि डूलिटल रेडर्स की बहादुरी ही बी-21 रेडर के नाम के पीछे की प्रेरणा है। बमबारी के दौरान डुलटिटल के सभी विमान नष्ट हो गए थे, लेकिन वह फिर भी तैनात रहे। उन्हें मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया था और अमेरिका लौटने पर उन्हें ब्रिगेडियर जनरल के रूप में पदोन्नत किया गया था।

आधुनिक तकनीक से लैस होंगे विमान

अमेरिका का दावा है कि इस विमान की तकनीक इतनी उन्नत है कि दुनिया का कोई भी रडार इसे पकड़ नहीं सकता। नॉर्थरोप की वेबसाइट के मुताबिक, छठी पीढ़ी के इस विमान में सफलता इसकी तकनीक, उन्नत नेटवर्किंग क्षमता और एक ओपन सिस्टम के जरिए हासिल की गई है। B-21 उच्च खतरे के वातावरण के लिए अनुकूलित है। यह अमेरिकी वायुसेना के पारंपरिक या थर्मोन्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम होगा। इस विमान की दो मुख्य बातें हैं कि एक तो यह लंबी दूरी तय कर सकता है और दूसरा यह एक स्टील्थ स्ट्रैटेजिक बॉम्बर होगा जो इसे दूसरे देशों के रडार पर आने से रोकेगा।

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