US Green Card: डोनाल्ड ट्रंप जिस दिन से अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं दुनिया भर में हलचल मची हुई है। ट्रंप के टैरिफ प्लान के साथ-साथ इमिग्रेशन पॉलिसी ने भी पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा रखी है। ट्रंप के दोबारा सत्ता में लौटने के बाद से अमेरिकी प्रशासन इमिग्रेशन के नियमों को लेकर सख्ती दिखा रहा है। अमेरिका ने अभी हाल के दिनों में हजारों अवैध अप्रवासियों को डिपोर्ट किया है और इनमें सैकड़ों भारतीय भी शामिल हैं। इसी बीच अमेरिकी प्रशासन ने ग्रीन कार्ड धारकों लिए चेतावनी जारी की है।
ऐसा स्थिति में हो सकती है सख्त कार्रवाई
अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) ने ग्रीन कार्ड धारकों को सख्त चेतावनी दी है। चेतावनी में कहा गया है कि ग्रीन कार्ड धारक अपनी आव्रजन स्थिति का प्रमाण दिए बिना घर से बाहर ना निकलें। एक्स पर एक पोस्ट में, सीबीपी ने कहा है कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक विदेशी को अपने पास कोई भी विदेशी पंजीकरण प्रमाणपत्र या विदेशी पंजीकरण रसीद कार्ड रखना होगा जो उसे दिया गया हो। "ऐसा ना करने पर संघीय कानून प्रवर्तन द्वारा रोके जाने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है और जुर्माना लगाया जा सकता है।"
ग्रीन कार्ड धारकों को हो सकती है मुश्किल?
होमलैंड सिक्योरिटी सांख्यिकी कार्यालय का अनुमान है कि 1 जनवरी, 2024 तक, लगभग 1.28 करोड़ लोगों के पास वैध स्थायी निवासी का दर्जा है। ग्रीन कार्ड धारकों के लिए मुश्किल हो सकती है अगर वो अपनी स्थिति का प्रमाण साथ ना रखें, भले ही उन्हें अमेरिका में रहने और काम करने की कानूनी अनुमति हो। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं (USCIS) ने चेतावनी दी है कि कानून का पालन ना करने पर निष्कासन या स्थायी निवास का दर्जा छिन सकता है।
ग्रीन कार्ड धारकों के अधिकारों पर एक नजर
जिन लोगों के पास ग्रीन कार्ड हैं, उनके भी अधिकार हैं। उन्हें कानूनी प्रतिनिधित्व मांगने और संघीय अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने पर चुप रहने का अधिकार है। दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक है, लेकिन कानूनी प्रतिनिधित्व के बिना आव्रजन अधिकारियों की पूछताछ का जवाब देना आवश्यक नहीं है। अमेरिका का ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास कार्ड प्रवासियों को संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी रूप से काम करने और रहने की अनुमति देता है।
नियम के बारे में जानें
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, कुछ लोग इस चेतावनी से हैरान हो सकते हैं, लेकिन यह नियम नया नहीं है। यह आव्रजन एवं राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा 264(ई) से लिया गया है, जिसके अनुसार गैर-नागरिकों द्वारा अपने पंजीकरण दस्तावेज ना ले जाना संघीय अपराध माना जाता है। इसमें ग्रीन कार्ड धारक लोग भी शामिल हैं, यहां तक कि वो लोग भी जो कई वर्षों से देश में रह रहे हैं।
यह भी पढ़ें:
पाकिस्तान में बारिश और बाढ़ का कहर, 26 जून से अब तक 266 लोगों की हुई मौत; 628 घायल