Axiom-4 Mission: एक्सिओम-4 मिशन लॉन्च होने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मिशन के लिए अन्य तीन चालक दल के सदस्यों के साथ शामिल होंगे। भारत के लिए बेहद यह बेहद गौरव का पल है। मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाएंगे और इस दौरान वहां कई सारे प्रयोग भी करेंगे। चलिए ऐसे में आपको उन सदस्यों के बारे में बताते हैं जो मिशन में शामिल हैं।
मिशन में शामिल लोगों के बारे में जानें
शुभांशु शुक्ला
इस मिशन में शुभांशु शुक्ला पायलट की भूमिका निभाएंगे, जो वर्तमान में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन हैं। शुभांशु शुक्ला का जन्म 1985 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। शुभांशु के पास 2 हजार घंटे के उड़ान का अनुभव है। Su-30 MKI, MiG 21, MiG 29, जैगुआर, हॉक जैसे विमानों को उड़ाने का अनुभव शुभांशु के पास है। इसके अलावा शुभांशु राकेश शर्मा के बाद स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय होंगे।
पेगी व्हिट्सन
पेगी व्हिट्सन अमेरिका के रहने वाली हैं जो इस मिशन की कमांडर हैं। पेगी नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री भी रह चुकी हैं। पेगी अमेरिका की सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं, जो अंतरिक्ष में 675 दिन बिता चुकी हैं। यह उनका दूसरी प्राइवेट अंतरिक्ष मिशन है।
स्लावोस उज्नांस्की-विस्निएव्स्की
स्लावोस पोलैंड के रहने वाले हैं और यूरोपियन स्पेस एजेंसी के प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री हैं। साल 1978 के बाद अंतरिक्ष जाने वाले यह दूसरे पोलिश यात्री होंगे। यह पेशे से वैज्ञानिक और इंजीनियर हैं।
टिबोर कपु
यह हंगरी के रहने वाले हैं और हंगरी स्पेस ऑफिस के प्रतिनिधि हैं। साल 1980 के बाद स्पेस में जाने वाले हंगरी के ये दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे।
बैकअप अंतरिक्ष यात्री: इसके अलावा भारत से बैकअप पायलट के रूप में ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन को रखा गया है। इसके अलावा हंगरी से ग्युला सेरेनी बैकअप अंतरिक्ष यात्री हैं।

जानें क्या है एक्सिओम-4 मिशन का उद्देश्य?
एक्सिओम-4 मिशन के मुख्य तीन उद्देश्य हैं, जिसमें पहला है वैज्ञानिक प्रयोग, दूसरा है तकनीकी प्रदर्शन और तीसरा है जागरूकता और शिक्षा। मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग करेगा, जिनमें से 7 प्रयोग भारत के हैं। इसके अलावा इस मिशन के जरिए नए उपकरण और तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा अंतरिक्ष मिशन पर जा रहा चालक दल बच्चों और शिक्षकों से से रेडियो के माध्यम से बात करेगा। बता दें कि नाइजीरिया और ब्राजील के स्कूल के बच्चों ने कुछ प्रयोग डिजाइन किए हैं जैसे अंतरिक्ष में गेंदों की टक्कर और पेंडुलम का अध्ययन, उसपर जागरूक करने का और शिक्षा देने का काम चालक दल करेगा।
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