बोगोटा: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में लोकतंत्र की कुचल कर हत्या कर दी गई। इस वर्ष की शुरुआत में यहां राष्ट्रपति चुनाव के लिए हो रही एक राजनीतिक रैली के दौरान राष्ट्रपति पद के लोकप्रिय उम्मीदवार मिगुएल उरीबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे लोकतंत्र पर खून के धब्बे लग गए। अब उनके पिता मिगुएल उरीबे लोंदोनो ने अपने बेटे की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
क्यों चुनाव लड़ रहे लोंदोनो
72 वर्षीय लोंदोनो ने मंगलवार को राजधानी बोगोटा में स्थित कांग्रेस (संसद) भवन के बाहर एक सार्वजनिक भाषण के दौरान अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। उन्होंने उसी मंच से भाषण दिया, जिसे उनके बेटे के चुनाव प्रचार के प्रतीक चिन्हों और नारों से सजाया गया था। मगर उनके बेटे की यहीं हत्या हो गई। उनका कहना था कि यह कदम न केवल बेटे की स्मृति को जीवित रखने का प्रयास है, बल्कि एक अधिक सुरक्षित और समृद्ध कोलंबिया के निर्माण की दिशा में योगदान देने की कोशिश भी है।
मिगुएल उरीबे की हत्या से कोलंबिया में बवाल
मिगुएल उरीबे (पुत्र) कोलंबिया की सीनेट के सदस्य थे और युवा मतदाताओं में विशेष रूप से लोकप्रिय थे। उनकी हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था और उनके अंतिम संस्कार को राष्ट्रीय स्तर पर कवर किया गया था। इसी दौरान लोंदोनो को भी व्यापक रूप से पहचाना जाने लगा। राजनीति में लोंदोनो का अनुभव नया नहीं है। वह 1980 के दशक के अंत में बोगोटा नगर परिषद के सदस्य रह चुके हैं और 1990 के दशक की शुरुआत में कंज़र्वेटिव पार्टी के सीनेटर भी रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कभी राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की योजना नहीं बनाई थी। बेटे की असमय मौत के बाद ही उन्होंने यह फैसला लिया।
वामपंथियों की आलोचना
अपने भाषण में लोंदोने ने देश के मौजूदा वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोलंबिया "एक खतरनाक रास्ते" पर जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में भारी संख्या में मतदान करें और बदलाव लाने में अपनी भूमिका निभाएं। (भाषा)