अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को एक नई धमकी दी है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि जो देश अमेरिका के विरोध में ब्रिक्स (BRICS) देशों की नीति का समर्थन करेंगे, उनके खिलाफ 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं बताया है कि अमेरिका विरोधी नीतियां क्या हैं। इससे यह अनिश्चितता बनी हुई है कि कौन से देश इस लिस्ट में आ सकते हैं? बता दें कि ब्रिक्स की स्थापना ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर की थी, लेकिन अब इसमें इंडोनेशिया, ईरान, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश जुड़ गए हैं। ब्रिक्स अब 11 देशों का समूह बन गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अगर ट्रंप किसी देश पर 10 फीसदी अतिरिक्ट टैरिफ लगाते हैं, तो उस पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उपभोक्ताओं पर असर: जिस देश पर टैरिफ लगाया जाएगा, वहां से अमेरिका में आयात की जाने वाली वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। यह अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए उन वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी करेगा, जिससे उनकी क्रय शक्ति कम हो सकती है।
अमेरिकी कंपनियों पर असर: यदि अमेरिकी कंपनियां उन देशों से कच्चे माल या मध्यवर्ती सामान आयात करती हैं, तो उनकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। यह उनके उत्पादों को अधिक महंगा बना देगा और उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचा सकता है।
निर्यात में गिरावट: अतिरिक्त टैरिफ की वजह से प्रभावित देशों से अमेरिका को होने वाला निर्यात कम हो जाएगा। इससे उन देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान सकता है, जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं।
व्यापारिक मार्गों का विस्तार: अतिरिक्त टैरिफ से प्रभावित देश अपने निर्यात के लिए नए बाजार तलाशने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार मार्गों में बदलाव आ सकता है।
सप्लाई चेन पर असर: आजकल, दुनिया भर की सप्लाई चेन (चीजों को बनाने और पहुंचाने का सिस्टम) पहले से ही कई वजहों से नाजुक स्थिति में है। अगर और ज़्यादा टैक्स लगेंगे, तो ये और भी ज्यादा अस्थिर हो जाएंगी और इनमें रुकावटें आ सकती हैं। टैरिफ लगने से कंपनियों को अपनी सप्लाई चेन में बदलाव करने पड़ सकते हैं, ताकि वे उन देशों से आयात कम कर सकें, जिन पर टैरिफ लगाए गए हैं।
मुद्रा मूल्य में उतार-चढ़ाव: टैरिफ लगने से जिन देशों पर असर होगा, उनके पैसे की कीमत पर प्रभाव पड़ सकता है। यानी उनकी करेंसी कमजोर हो सकती है।
निवेश पर प्रभाव: विदेशी निवेशक उन देशों में निवेश करने से हिचकिचा सकते हैं, जिन पर अमेरिका ने टैरिफ लगाए गए हैं, जिससे उन देशों में आर्थिक विकास धीमा हो सकता है।
व्यापार युद्ध का खतरा: इस कदम से 'जैसे को तैसा' वाली स्थिति बन सकती है। प्रभावित देश भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगा सकते हैं। इससे 'व्यापार युद्ध' छिड़ सकता है, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है।
बढ़ सकता है तनाव: BRICS देशों के साथ तनाव बढ़ सकता है।
WTO पर असर: वहीं, यह कदम विश्व व्यापार संगठन (WTO) जैसी अंतरराष्ट्रीय व्यापार संस्थाओं को कमजोर कर सकता है। इससे दुनिया के व्यापार नियमों में और ज्यादा अनिश्चितता आ जाएगी।
भारत पर संभावित प्रभाव: भारत ब्रिक्स का एक अहम सदस्य है। ट्रंप की इस धमकी का भारत पर भी असर पड़ सकता है। भारत पहले से ही अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में शामिल है और ऐसे टैरिफ से ये वार्ताएं जटिल हो सकती हैं। भारत को अमेरिकी बाजार में अपने निर्यात पर संभावित प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
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