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डोनाल्ड ट्रंप का दावा- 'अमेरिकी सामान पर टैरिफ कम करने के लिए राजी हुआ भारत'

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Mar 07, 2025 11:07 pm IST,  Updated : Mar 07, 2025 11:27 pm IST

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में शुरुआत से ही टैरिफ को बड़ा मुद्दा बनाया है। उन्होंने मैक्सिको और कनाडा पर भी भारी टैरिफ लगाया था, जिसे एक महीने के लिए टाल दिया गया है।

Donald trump- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत अपने यहां आयात होने वाले अमेरिकी सामान पर टैरिफ कम करने के लिए राजी हो गया है। हालांकि, भारत सरकार की तरफ से अब तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। ट्रंप ने यह आरोप भी लगाया कि भारत आयात होने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगाता है। वहां कुछ भी बेचना बेहद मुश्किल है। हालांकि, खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अब टैरिफ कम करने को लेकर भारत राजी हो गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हमारे देश को हर किसी ने लूटा है और अब यह बंद हो गया है। मैंने अपने पहले कार्यकाल में इसे बंद करवाया था और अब हम इसे पूरी तरह से बंद करने जा रहे हैं क्योंकि यह बहुत अनुचित है। आर्थिक दृष्टिकोण से, वित्तीय दृष्टिकोण से और व्यापार दृष्टिकोण से, हमारे देश को दुनिया के लगभग हर देश ने लूटा है। भारत हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलता है। आप भारत में कुछ भी नहीं बेच सकते। वैसे, वे सहमत हो गए हैं।"

यूक्रेन, रूस को धमकाया

डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ही यूक्रेन और रूस को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वह रूस पर कई नए प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं। इनमें बड़े पैमाने पर बैंकिंग प्रतिबंध और टैरिफ शामिल हैं। उन्होंने कहा "इस तथ्य के आधार पर कि रूस इस समय युद्ध के मैदान में यूक्रेन को तबाह करने पर तुला हुआ है, मैं रूस पर बड़े पैमाने पर बैंकिंग प्रतिबंध और टैरिफ लगाने पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं। ये प्रतिबंध युद्ध विराम और शांति पर अंतिम समझौता होने तक जारी रहेंगे। रूस और यूक्रेन से निवेदन है कि वे अभी बातचीत के लिए राजी हो जाएं, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।"

ईरान को दी चेतावनी

ट्रम्प ने शुक्रवार को फॉक्स बिजनेस न्यूज पर एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने ईरान के बढ़ते परुमाणु कार्यक्रम को लेकर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को एक पत्र लिखा है। ट्रंप ने कहा, "मैंने उन्हें कल एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है, 'मुझे उम्मीद है कि आप बातचीत करेंगे क्योंकि अगर हमें सैन्य रूप से आगे बढ़ना पड़ा, तो यह एक भयानक बात होगी।' मैं सौदे पर बातचीत करना पसंद करूंगा। मुझे यकीन नहीं है कि हर कोई मुझसे सहमत होगा, लेकिन हम एक ऐसा सौदा कर सकते हैं जो सैन्य रूप से जीतने पर भी उतना ही अच्छा होगा। लेकिन अब समय आ गया है। समय आ रहा है। किसी न किसी तरह कुछ होने वाला है।"

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