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Russia Nuclear Attack: बाइडेन की रूस को चेतावनी- अगर यूक्रेन पर परमाणु हमला किया, तो वह 'गंभीर गलती' होगी, कितना घातक है ये हथियार?

 Written By: Shilpa @Shilpaa30thakur
 Published : Oct 26, 2022 07:33 am IST,  Updated : Oct 26, 2022 01:47 pm IST

Russia Nuclear Attack: अमेरिका और पश्चिमी देशों को डर है कि रूस यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। जिसके चलते जो बाइडेन ने उसे चेतावनी दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन- India TV Hindi
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन Image Source : AP

Russia Nuclear Attack: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में परमाणु हथियार की इस्तेमाल किया, तो वह एक गंभीर गलती होगी। जब बाइडेन से पत्रकारों ने पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि रूस एक डर्टी बम से हमले की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए वह यूक्रेन को दोषी ठहराएगा, तो इसपर बाइडेन ने कहा, "रूस एक अविश्वसनीय रूप से गंभीर गलती कर रहा होगा अगर वह एक सामरिक परमाणु हथियार का उपयोग करता है।" रूस ने इसी हफ्ते कहा था कि यूक्रेन अपने खुद के क्षेत्र में तथाकथित डर्टी बम का इस्तेमाल कर सकता है। 

डर्टी बम एक पारंपरिक बम है, जिसमें रेडियोधर्मी, जैविक या रासायनिक सामग्री होती है, जो एक विस्फोट के कारण फैल जाती है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का संदेह है कि रूस खुद से फॉल्स फ्लैग हमले के तौर पर डर्टी बम का इस्तेमाल कर सकता है। संभवतः मॉस्को पारंपरिक परमाणु हथियारों के उपयोग को सही ठहराने के लिए ऐसा करेगा, क्योंकि वह पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में बैकफुट पर है। वहीं बाइडेन ने मंगलवार को कहा कि वह अभी इस बात की गारंटी नहीं दे सकते कि यह एक फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन है। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं जानते हैं।

कितना घातक है डर्टी बम?

डर्टी बम जब फटता है, तो उसके विस्फोटक और रेडियोधर्मी तत्व हवा में फैल जाते हैं। इस बम में परमाणु बम जैसे खतरनाक रेडियोधर्मी तत्व नहीं होते हैं। बल्कि इस बम को अस्पताल और न्यूक्लियर पावर स्टेशन के रेडियोएक्टिव तत्वों को मिलाकर बनाया गया है। इस वजह से यह काफी सस्ता होता है और परमाणु बम से भी जल्दी तैयार हो जाता है। यह बम आसानी से किसी वाहन पर ले जाया जा सकता है।

रेडियोधर्मी तत्वों के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा होता है। इस वजह से इस बम के इस्तेमाल या खतरे से आबादी में दहशत पैदा हो सकती है। जहां भी इस बम का परीक्षण किया जाता है, वहां पहले लोगों को हटाया जाता है और फिर वह जगह हमेशा के लिए छोड़ दी जाती है।

फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के मुताबिक, अगर किसी बम में 9 ग्राम कोबाल्ट-60 और पांच किलोग्राम तक टीएनटी होता है, तो यह न्यूयॉर्क में मैनहट्टन को कई दशकों तक के लिए तबाह कर सकता है। इसलिए इन बमों को बड़े पैमाने पर विनाश का हथियार भी कहा जाता है।

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