भारत और अफगानिस्तान के बीच जल्द ही टेस्ट मैच खेला जाएगा। इसका शेड्यूल बीसीसीआई की ओर से पहले ही जारी किया जा चुका है। ऐसा नहीं है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच इससे पहले कोई टेस्ट नहीं हुआ है, हालांकि इसकी चर्चा कम रही। अब जब टेस्ट होगा तो ये विश्व टेस्ट चैंपियनशिप यानी डब्ल्यूटीसी का हिस्सा नहीं होगा। आखिर ऐसा क्यों है, चलिए आपको बताते हैं।
भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से खेला जाएगा टेस्ट मुकाबला
इसी साल जून में अफगानिस्तान की टीम भारत के दौरे पर आ रही है। इसमें पहले एक टेस्ट खेला जाएगा, उसके बाद तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। जो एक टेस्ट होगा, वो 6 जून से शुरू होगा और 10 जून तक चलेगा। मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इससे पहले साल 2018 में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट खेला गया था। ये अफगानिस्तान का पहला टेस्ट मुकाबला था। बेंगलुरु में खेले गए इस मैच को भारत ने पारी और 262 रन से जीता था।
मुरली विजय और शिखर धवन ने लगाए थे शतक
इस मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 474 रन बना दिए थे। सलामी बल्लेबाज मुरली विजय और शिखर धवन ने धमाकेदार शतक पूरे किए थे। टीम की कप्तानी अजिंक्य रहाणे के पास थी, लेकिन वे दस ही रन बना पाए थे। इसके बाद अफगानिस्तान की पहली पारी 109 और फिर दूसरी पारी 103 रन पर सिमट गई थी। इसके बाद अब जाकर दोनों टीमें टेस्ट के लिए मैदान पर उतरने जा रही हैं।
आईसीसी के एलीट ग्रुप में शामिल नहीं, अफगानिस्तान के अलावा आयरलैंड और जिम्बाब्वे भी शामिल
इस मुकाबले के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शामिल ना होने का कारण बड़ा साफ है। आईसीसी के नियमों के अनुसार अफगानिस्तान की टीम इस डब्ल्यूटीसी चक्र का हिस्सा नहीं है, जो साल 2025 में शुरू हुआ था और 2027 तक चलेगा। आईसीसी ने तय किया है कि जो टीमें टॉप 9 में होंगी, उनके बीच जो टेस्ट मैच खेले जाएंगे, वे डब्ल्यूटीसी का हिस्सा होंगे, बाकी मैच नहीं। केवल अफगानिस्तान ही नहीं, कोई टीम अगर आयरलैंड और जिम्बाब्वे से भी टेस्ट खेलती है तो वो भी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं होता। जो टीमें डब्ल्यूटीसी खेलती हैं, उन्हें एलीट ग्रुप का हिस्सा माना जाता है। यानी इस मैच की हार जीत से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका पर कोई असर नहीं होगा।
यह भी पढ़ें
शुभमन गिल ने हारकर भी तोड़ा हार्दिक पांड्या का रिकॉर्ड, मुंबई ने ध्वस्त किया टाइटंस का किला