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'असली गिरगिट कौन', वक्फ बिल को लेकर बिहार में सियासी संग्राम, राजद और जदयू में जोरदार भिड़ंत

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Apr 06, 2025 08:43 am IST,  Updated : Apr 06, 2025 08:44 am IST

वक्फ बिल को लेकर बिहार में सियासत चरम पर है। लालू की राजद और नीतीश कुमार की जदयू में तीखी तकरार जारी है। जदयू ने राजद पर आरोप लगाया है और पूछा है कि असली गिरगिट कौन है?

वक्फ बिल को लेकर भिड़े राजद-जदयू- India TV Hindi
वक्फ बिल को लेकर भिड़े राजद-जदयू Image Source : FILE PHOTO

बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां चल रही हैं, वहीं संसद में वक्फ बिल के पास होने के बाद राज्य में भयंकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को कड़ा करने के लिए बनाया गया यह कानून एनडीए और महागठबंधन के बीच टकराव का विषय बन गया है, जिसके बाद वाकयुद्ध, पोस्टरबाजी शुरू हो गई है। विवाद के केंद्र में जेडीयू का इस विधेयक का समर्थन है, जिसकी विपक्ष, खासकर आरजेडी ने तीखी आलोचना की है।

असली गिरगिट कौन

राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'गिरगिट' बताते हुए पोस्टर लगाए हैं। जवाब में, जदयू ने लालू प्रसाद पर भी आरोप लगाए हैं। जदयू ने 2010 में लोकसभा में दिए गए लालू प्रसाद के भाषण का हवाला दिया है, जिसमें उन्होंने वक्फ संपत्ति के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की थी। जदयू का कहना है कि लालू प्रसाद अब इस बिल का विरोध कर रहे हैं, जो कि गलत है। 

वक्फ को लेकर राजनीति
Image Source : SOCIAL MEDIAवक्फ को लेकर राजनीति

जदयू ने किया दावा
अपना बचाव करते हुए जेडीयू ने दावा किया कि उसने जेपीसी द्वारा इसकी सभी पांच प्रमुख सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद ही कानून का समर्थन किया। पार्टी प्रवक्ता अंजुम आरा ने इनमें भूमि को राज्य सूची के तहत रखना, यह सुनिश्चित करना कि कानून भावी रूप से लागू हो, अपंजीकृत वक्फ भूमि पर धार्मिक संरचनाओं की स्थिति को संरक्षित करना, विवादों को सुलझाने वाले अधिकारियों के पद को बढ़ाना और डिजिटलीकरण की समय सीमा को बढ़ाना शामिल हैं।

तेजस्वी ने खाई कसम, राज्यपाल ने कही ये बात
 इस विधेयक को "असंवैधानिक" बताते हुए राजद के पदाधिकारी तेजस्वी यादव ने कसम खाई कि अगर महागठबंधन सत्ता में आया तो इसे खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "यह विधेयक किसी भी कीमत पर लागू नहीं होगा, इसे कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।" 

आग में घी डालने का काम करते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विधेयक का समर्थन किया और इसे एक आवश्यक सुधार बताया। उन्होंने पूछा, "कौन सा वक्फ बोर्ड वास्तव में गरीबों की सेवा कर रहा है - अनाथालय चला रहा है या अस्पताल?" उन्होंने तर्क दिया कि वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल सार्वजनिक भलाई के लिए किया जाना चाहिए। 

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