सासाराम: बिहार में चुनावी शोर के बीच चेनारी निर्वाचन क्षेत्र में भी राजनीतिक माहौल गरम है। सभी पार्टियों के नेता जनता के बीच जा रहे हैं। इस सीट पर अभी कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस के मुरारी प्रसाद गौतम विधायक हैं। इस सीट पर इस बार भी जेडीयू और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर 2025 को होगा और 14 नवंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे।
चेनारी विधानसभा के बारे में जानें
चेनारी विधानसभा क्षेत्र बिहार के रोहतास जिले में स्थित है। इसमें तीन प्रखंड चेनारी, रोहतास, नौहट्टा और शिवसागर प्रखंड की कुछ ग्राम पंचायतें शामिल हैं। चेनारी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। 2020 में इस निर्वाचन क्षेत्र में 303,618 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें अनुसूचित जाति के 22.16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के 4.87 प्रतिशत और लगभग 9.5 प्रतिशत मुसलमान थे।
चेनारी विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
साल 1962 में इस निर्वाचन क्षेत्र के गठन के बाद से अब 16 विधानसभा चुनाव हुए। इनमें 2009 का उपचुनाव भी शामिल है। इस सीट से कांग्रेस ने छह बार जीत हासिल की है। तीन बार जेडीयू, दो बार जनता दल और एक-एक बार आरजेडी, हिंदुस्तानी सोशलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी, लोकदल और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी शामिल हैं।
साल 2015 में इस सीट से BLSP के टिकट पर ललन पासवान ने जीत दर्ज की थी। साल 2010 में श्याम बिहारी राम ने जेडीयू के टिकट पर जीत हासिल की थी। 2005 में ललन को जेडीयू के टिकट पर जीत मिली थी। 2000 में छेदी पासवान ने आरजेडी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। 1990 और 1995 में जनता दल के टिकट पर जवाहर पासवान ने जीत हासिल की थी।
चिराग पासवान ने जेडीयू को पहुंचाया था नकुसान
2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुरारी प्रसाद गौतम ने उस समय के विधायक ललन पासवान को 18,003 मतों के अंतर से हराया था। ललन पासवान जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े थे। चेनारी उन 25 सीटों में से एक थी जहां लोजपा ने एनडीए छोड़कर अपने उम्मीदवार उतारकर जेडीयू की संभावनाओं को तहस-नहस कर दिया था। लोजपा उम्मीदवार चंद्रशेखर पासवान को 18,074 वोट मिले, जो जेडीयू की हार के अंतर से केवल 71 अधिक थे।
इस बार क्यों खास है चुनाव
चेनारी विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला कड़ा हो सकता है। इस बार चिराग पासवान की पार्टी एनडीए के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी तो इंडिया गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा। वहीं, प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी चुनाव मैदान में उतरेगी। निर्दलीय भी मुकाबला को रोचक बना सकते हैं।