Dhamdaha Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो गया है। राज्य में दो चरणों में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इस बार के चुनाव में प्रशांत किशोर की नई पार्टी 'जन सुराज' और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) चुनावी मैदान में उतर रही हैं। इन पार्टियों के आगमन से बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है, जिसमें पूर्णिया जिले की एक अहम सीट धमदाहा विधानसभा क्षेत्र पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। यहां पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोटिंग होगी।
पिछले चुनाव में किसने मारी बाजी?
2020 बिहार विधानसभा चुनाव में धमदाहा सीट पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के लेशी सिंह ने जीत दर्ज की थी, जिन्हें 97,057 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के दिलीप कुमार यादव रहे, जन्हें 63,463 वोट मिले थे। लेशी सिंह ने 33,594 वोटों के अंतर से दिलीप कुमार यादव को हराया था।
2020 के चुनाव में 18 उम्मीदवार थे मैदान में
- लेशी सिंह- JDU- विजेता
- दिलीप कुमार यादव- RJD
- योगेंद्र कुमार- LJP
- आशीष अनुज- निर्दलीय
- रमेश कुमार मेहता- RLSP
- बिंदेश्वरी शर्मा- निर्दलीय
- मनीष कुमार यादव- निर्दलीय
- बृजेश कुमार ठाकुर- निर्दलीय
- ब्रह्मचारी व्यास नंदन- JDR
- सुभाष कुमार रजक- निर्दलीय
- मोहम्मद गैसुल आजम- NCP
- दीपक पोदार- निर्दलीय
- संजीत कुमार- निर्दलीय
- सैयद शाह इकबाल आलम-JP
- किशोर कुमार- LSPL
- चक्रधर पासवान- PPID
- विमल रॉय- BLRP
- राम कुमार- ACDP
धमदाहा में मतदाताओं की संख्या
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में कुल 3,15,754 मतदाता थे, जिनमें 1,63,101 पुरुष और 1,52,646 महिलाएं थीं। मतदान प्रतिशत 63.39% रहा।
धमदाहा सीट का सियासी समीकरण
बिहार की धमदाहा विधानसभा सीट की स्थापना 1957 में हुई। 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में धमदाहा सह कोढ़ा एक संयुक्त विधानसभा क्षेत्र था, जहां से दो विधायक चुने गए थे- भोला पासवान शास्त्री और डॉ. लक्ष्मी नारायण सुधांशु, दोनों कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। इस सीट पर अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। शुरुआती दौर में धमदाहा पर कांग्रेस का मजबूत पकड़ थी। पार्टी ने इस सीट पर कुल 6 बार जीत दर्ज की है।
कांग्रेस के बाद यह सीट समाजवादी विचारधारा से प्रभावित रही है। जनता दल, जनता पार्टी और RJD जैसे दलों को यहां सफलता मिली है। 1995 में दिलीप कुमार यादव ने जनता दल के टिकट पर जीत हासिल की थी, और बाद में 2005 (अक्टूबर) में उन्होंने RJD के टिकट पर भी जीत दर्ज की।
लेशी सिंह का उदय और JDU का गढ़ बनना
2000 के दशक की शुरुआत में लेशी सिंह के राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई, जिसने इस सीट के इतिहास को बदल दिया। उन्होंने पहली बार 2000 में समता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता। इसके बाद 2010, 2015 और 2020 में उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर लगातार तीन चुनाव जीतकर इस सीट को JDU का मजबूत गढ़ बना दिया। लेशी सिंह ने केवल एक बार 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में RJD के दिलीप कुमार यादव से हार का सामना किया, लेकिन उसके बाद से वह लगातार बड़े अंतर से जीतती आ रही हैं।