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बिहार में 15 दिन के दौरान कितना प्रतिशत SIR का काम हुआ पूरा? सामने आई बड़ी जानकारी

 Reported By: Nitish Chandra Edited By: Mangal Yadav
 Published : Jul 09, 2025 08:14 pm IST,  Updated : Jul 09, 2025 08:30 pm IST

बिहार में मतदाताओं की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 57 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। अभी 16 दिन शेष है। इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि SIR का काम समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : ANI

पटनाः चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा कि लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए शुद्ध मतदाता सूची अनिवार्य है। मतदाताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी के परिणामस्वरूप, बिहार में चल रहे जनगणना फ़ॉर्मों में से 57% से अधिक का सफलतापूर्वक संग्रह हो पाया है। अभी भी 16 दिन शेष हैं। आयोग ने कहा कि बिहार के मतदाताओं की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में सक्रिय भागीदारी और निर्वाचन अधिकारियों, स्वयंसेवकों और सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1.56 लाख सक्रिय बूथ स्तर एजेंट्स (BLA) के अथक प्रयासों के फलस्वरूप, इस अभियान के पहले 15 दिनों में कुल 57.48% गणना प्रपत्र एकत्र किए जा चुके हैं।  

57.48% SIR का काम पूरा

जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम 6 बजे तक, 7,89,69,844 (लगभग 7.90 करोड़) मौजूदा मतदाताओं में से 4,53,89,881 गणना प्रपत्र एकत्र किए जा चुके हैं, जो कुल संख्या का 57.48% है। पिछले 24 घंटे में अर्थात् कल शाम 6 बजे से अब तक, 83,12,804 प्रपत्र एकत्र किए गए हैं, जो अकेले एक दिन में 10.52% की वृद्धि को दर्शाता है। यदि क्षेत्रीय स्तर पर यह गति बनी रहती है तो शेष लगभग 42.5% प्रपत्रों को निर्धारित समयसीमा 25 जुलाई 2025 से पहले ही एकत्र कर लिया जाएगा।

गणना प्रपत्र डाउनलोड इस साइट से कर सकते हैं अपलोड

एसआईआर दिशा-निर्देशों के पैरा 3(घ) के अनुसार, अस्थायी रूप से स्थानांतरित (माइग्रेटेड) मौजूदा मतदाता, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 20(1क) के तहत, वेबसाइट https://voters.eci.gov.in से पूर्व-भरा हुआ गणना प्रपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। ऐसे मतदाता प्रपत्र को प्रिंट कर हस्ताक्षरित कर सकते हैं और 25 जुलाई 2025 से पहले अपने बीएलओ तक, अपने पारिवारिक सदस्यों के माध्यम से या किसी भी ऑनलाइन माध्यम (जैसे व्हाट्सऐप आदि) द्वारा भेज सकते हैं ताकि उनका नाम प्रारूप निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किया जा सके। पिछले 15 दिनों की इस अवधि में, 7.90 करोड़ गणना प्रपत्रों का मुद्रण किया गया और उनमें से लगभग 98% (यानी 7.71 करोड़ प्रपत्र) मतदाताओं तक वितरित किए जा चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है मामला

बता दें कि बिहार में एसआईआर का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ दो सामाजिक कार्यकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को सहमति जताई। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति जॉयमला बागची की पीठ अन्य लंबित याचिकाओं के साथ इस याचिका पर 10 जुलाई को सुनवाई करेगी। 

 

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