पटना: बिहार में गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार का गठन पूरा हो गया। पटना के गांधी मैदान में दोपहर 12 बजे के बाद नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस कैबिनेट में बीजेपी, जेडीयू, LJP रामविलास, HAM और RLM के नेताओं को मंत्री बनाया गया है। शपथ ग्रहण समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मौके पर पटना में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए, जो एक दिन पहले पटना पहुंचे थे। इस नए मंत्रिमंडल के साथ बिहार सरकार का नया स्वरूप सामने आया है।
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BJP के कोटे से पहली बार बने मंत्री
नंदकिशोर राम: नंद किशोर राम पश्चिमी चंपारण के रामनगर (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद के सुबोध कुमार को 35,000 से अधिक मतों से हराकर पहली बार विधानसभा में जीत दर्ज की। भाजपा ने इस सीट पर अपनी वरिष्ठ नेता और पद्मश्री से सम्मानित भागीरथी देवी का टिकट काटकर नंद किशोर राम पर भरोसा जताया था, जिस पर वे खरे उतरे। 53 वर्षीय स्नातक नंद किशोर राम राजनीति से पहले सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं और बगहा जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनकी साफ छवि और संगठन में मजबूत पकड़ उन्हें मंत्री पद तक ले आई है।
मिथिलेश तिवारी: मिथिलेश तिवारी का जन्म बिहार के गोपालगंज जिले के दुमरिया गांव में हुआ था। उन्होंने 2015 में BJP के टिकट पर बैकुंठपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर बिहार विधानसभा में प्रवेश किया और 2025 में भी चुनाव जीता। उनका बचपन आर्थिक रूप से कठिन परिस्थितियों में बीता, लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और मगध यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक किया। सियासत में उनकी शुरुआत ABVP से हुई थी। संगठन में वे राज्य सचिव, महासचिव और उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रहे। 2015 में विधायक बनने के बाद वे बीजेपी के प्रमुख नेता और स्टार प्रचारक के रूप में उभरे और 2024 लोकसभा चुनाव में भी बक्सर से उम्मीदवार बनाए गए थे।
इंजीनियर शैलेंद्र कुमार: 9 दिसंबर 1966 को जन्मे कुमार शैलेंद्र बिहार के भागलपुर जिले के बिहपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक हैं। वे इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आते हैं और उन्होंने 1991 में बिहार यूनिवर्सिटी के मोतिहारी स्थित इंडियन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 2010 में पहली बार विधायक बनकर राजनीति में प्रवेश किया था। उस चुनाव में उन्होंने RJD के शैलेश कुमार को बेहद कम अंतर से हराया था। हालांकि 2015 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2020 में उन्होंने मजबूत वापसी की। वे लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते गए हैं।
डॉ. रामचंद्र प्रसाद: डॉ. रामचंद्र प्रसाद बिहार के दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक हैं। वे तेली समाज से आते हैं और एक साधारण किसान परिवार से निकलकर राजनीति में आए। उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से पीएचडी की है। 2020 में उन्होंने आरजेडी के भोला यादव को हराकर पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया और 2025 में सीपीआई के श्याम भारती को हराकर दूसरी बार जीत दर्ज की। उनकी छवि एक ईमानदार और जमीनी नेता की है। पार्टी ने उनके कार्य और लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी भी दी है।
JDU के कोटे से पहली बार बने मंत्री
निशांत कुमार: निशांत कुमार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और JDU के नेता नीतीश कुमार के पुत्र हैं। वे आम तौर पर राजनीति से दूर रहे हैं और एक शांत तथा निजी जीवन जीना पसंद करते हैं। निशांत ने अपनी शिक्षा इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्राप्त की है और उनका झुकाव आध्यात्मिकता और सादगी की ओर अधिक बताया जाता है। उन्होंने अब तक सक्रिय राजनीति में औपचारिक रूप से प्रवेश नहीं किया था लेकिन अब वह सीधे मंत्री बनकर सियासत में एंट्री ले रहे हैं। निशांत ने हालांकि पहले यह कहते हुए मंत्री पद लेने से इनकार कर दिया था कि वह पहले पार्टी कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
श्वेता गुप्ता: श्वेता गुप्ता बिहार के शिवहर विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू की विधायक हैं। 2025 के चुनाव में उन्होंने आरजेडी के नवनीत कुमार को 31,398 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की। इससे पहले इस सीट से चेतन आनंद विधायक थे, जिन्हें पार्टी ने नबीनगर भेज दिया था। श्वेता गुप्ता मूल रूप से सीतामढ़ी की रहने वाली हैं और पेशे से डॉक्टर हैं। उन्होंने मेडिकल में पीजी तक पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले उनका संबंध बीजेपी से भी रहा है। उनकी छवि साफ-सुथरी है और उन पर कोई आपराधिक मामला नहीं है। उनकी कुल संपत्ति लगभग 28.4 करोड़ रुपये है और 4.1 करोड़ रुपये की देनदारी भी है।
बुलो मंडल: बुलो मंडल बिहार के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू के विधायक हैं। वे पहले राजद में थे और उसी पार्टी के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वे बिहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी चुने गए थे। बाद में उन्होंने अप्रैल 2024 में जेडीयू जॉइन किया और 2025 के विधानसभा चुनाव में गोपालपुर सीट से जीत दर्ज की। उनकी पत्नी वर्षा रानी भी बिहपुर से विधायक रह चुकी हैं। बुलो मंडल गंगोता और अति पिछड़ा समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। उनकी पकड़ यादव, वैश्य, मुस्लिम और सवर्ण समाज में भी है। नवगछिया क्षेत्र की राजनीति में उनका परिवार लंबे समय से प्रभावशाली रहा है।