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बिहार: नीतीश ने शराब पीने वालों को बताया 'महापापी', चूहे भी पी गए थे गोदाम की शराब, तो वे क्या हुए?

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 31, 2022 02:18 pm IST,  Updated : Mar 31, 2022 02:18 pm IST

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अगर कोई राष्ट्रपिता बापू की भावना को नहीं मानता है तो वह हिंदुस्तानी नहीं है, वो महापापी और महाअयोग्य है। लेकिन इस खबर का एक रोचक पहलू यह है कि बिहार के एक गोदाम में चूहे भी जब्त  शराब को पी गए थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या बिहार में चूहे भी 'महापापी' हैं। 

Rat- India TV Hindi
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पटना। बिहार में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को बिहार सरकार ने अपने शराबबंदी कानून में संशोधन किया है। इस विधेयक पर बिहार विधान परिषद में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अगर कोई राष्ट्रपिता बापू की भावना को नहीं मानता है तो वह हिंदुस्तानी नहीं है, वो महापापी और महाअयोग्य है, उनके लिए कोई सहानुभूति नहीं। लेकिन इस खबर का एक रोचक पहलू यह है कि बिहार के कैमूर में स्थित एक गोदाम में चूहे भी जब्त करके रखी हुई शराब को पीते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या बिहार में चूहे भी 'महापापी' हैं। 

कैमूर के एक गोदाम में रखी इस शराब को उत्पाद विभाग ने साल 2016 से लेकर 2017 के बीच तक जब्त किया था। गोदाम में शराब को नष्ट करने की प्रक्रिया चल रही थी। उसी दौरान जब जब्त की गई शराब और नष्ट शराब की कीमत का हिसाब लगाया तो उसमें 10 हजार रुपये का अंतर निकला था। जिसके बाद पता चला था कि जो शराब कम है वह चूहों ने पी ली है।

साल 2017 में भी बिहार में जब्त करीब 9 लाख लीटर से अधिक की शराब चूहे पी गए थे। खबर की जानकारी मिलते ही बिहार पुलिस मुख्यालय ने जांच के आदेश दिए थे। उस समय बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर खूब बहस हुई थी।  साथ ही आरोप और प्रत्यारोप का भी दौर चला था।

जिला प्रशासन ने तब 11 हजार लीटर शराब को नष्ट किया था, जिसकी कीमत 30 लाख रुपये बताई गई। शराब रोलर से नष्ट की गई। उसमें देशी और विदेशी शराब के साथ बीयर भी शामिल थी। प्रशासन ने कहा था कि शराब के कार्टन को नष्ट कर दिया गया है और इसका भौतिक सत्यापन का काम भी हुआ।

प्रशासन ने कहा था कि उत्पाद विभाग द्वारा जब्त शराब को गोदाम में रखा गया था। जिसमें से करीब 10 हजार रुपये कीमत की शराब को चूहों ने नष्ट कर दिया। जो शराब लीक हो जाती है उसे ज्यादातर चूहे ही नष्ट कर देते हैं।

बता दें कि, बिहार विधानसभा ने बुधवार को निषेध एवं उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक, 2022 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। जिसके तहत राज्य में पहली बार शराबबंदी कानून को कम सख्त बनाया गया है। संशोधित कानून के अनुसार, पहली बार अपराध करने वालों को जुर्माना जमा करने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट से जमानत मिल जाएगी और यदि अपराधी जुर्माना राशि जमा करने में सक्षम नहीं है तो उसे एक महीने की जेल का सामना करना पड़ सकता है। 

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