1. Hindi News
  2. बिहार
  3. "देश में करोड़ों लोग शराब पीते हैं, क्या उन सभी को मर जाना चाहिए?" सुशील मोदी का नीतीश पर पलटवार

"देश में करोड़ों लोग शराब पीते हैं, क्या उन सभी को मर जाना चाहिए?" सुशील मोदी का नीतीश पर पलटवार

 Published : Dec 15, 2022 09:16 pm IST,  Updated : Dec 15, 2022 09:16 pm IST

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में जहां शराबबंदी है, वहां जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत हो रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना अनुचित है।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी - India TV Hindi
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी Image Source : FILE PHOTO

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के‘‘जो पिएगा वो मरेगा’’ वाले बयान पर खासा बवाल मचा हुआ है। एक के बाद एक उनपर हमलों का सिलसिला जारी है। अब  बीजेपी के नेता सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में करोड़ों लोग शराब पीते हैं, क्या उन सभी को मर जाना चाहिए। बिहार में जहरीली शराब मामले में मौतों की संख्या बढ़ने के बीच राज्य की राजनीति भी गरमाई हुई है। सुशील मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नीतीश ने पहले भी टिप्पणी की थी कि जो लोग शराब पीते हैं वे ‘‘महापापी’’ हैं और वे भारतीय नहीं हो सकते। 

शराब का अवैध कारोबार बनी "समानांतर अर्थव्यवस्था" 

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में जहां शराबबंदी है, वहां जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत हो रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना अनुचित है। वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कुमार की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए उन पर निशाना साधा और कहा कि अगर लोग उन्हें वोट देते हैं, तो वे मरेंगे क्योंकि यह उनके सामने उदाहरण है। सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में शराब का अवैध कारोबार एक "समानांतर अर्थव्यवस्था" बन गया है और आरोप लगाया कि राज्य में शराबबंदी लागू करने वालों की जेब में करोड़ों रुपये जा रहे हैं। हालांकि, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा शराबबंदी का समर्थन करती है और नीति पर पुनर्विचार की उसके नेताओं की मांग इसके कार्यान्वयन में दिक्कतों को दूर करने से संबंधित है। 

"शराब घर पहुंचाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल हो रहा"
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शराब घर पहुंचाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है और नशीले पदार्थों का दुरुपयोग बढ़ रहा है क्योंकि नीति पूरी तरह से विफल रही है। बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने शराबबंदी लागू की। इसलिए, यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि यह सफल हो। पूरी सरकारी मशीनरी इस एक मुद्दे पर काम कर रही है और फिर भी वह नहीं कर पा रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम (भाजपा) इसे खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं।’’ बिहार में जहरीली शराब मामले में मृतक संख्या आधिकारिक रूप से बढ़कर 26 हो जाने के बाद नीतीश कुमार ने गुरुवार को चेतावनी दी कि यदि लोग जहरीली शराब पिएंगे तो मरेंगे। उन्होंने कहा, "जो पिएगा, वो मरेगा।’’ उन्होंने कहा कि शराबबंदी ‘‘मेरी व्यक्तिगत इच्छा से नहीं बल्कि राज्य की महिलाओं की पुकार पर लागू की गई थी।’’

लगभग 1,500 लोग औसतन रोज हो रहे गिरफ्तार
कुछ भाजपा नेताओं ने जहरीली शराब मामले में मरने वालों की संख्या 50 से अधिक बतायी है। उनका कहना है कि कई शोक संतप्त परिवार उत्पीड़न के डर से अधिकारियों को सूचित करने से बच रहे हैं। सुशील मोदी ने कहा कि चार लाख से अधिक लोगों को शराबबंदी का उल्लंघन करने के आरोप में जेल में डाल दिया गया है, लगभग 1,500 प्रतिदिन औसतन गिरफ्तार किए जा रहे हैं। मोदी ने सवाल किया कि यह नीति की सफलता या विफलता को दर्शाता है। भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने जनता दल (यूनाइटेड) के नेता की आलोचना करते हुए कहा कि केवल एक "असंवेदनशील" नेता ही इस तरह का बयान दे सकता है। उन्होंने दावा किया, "अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ परिवार इतने गरीब हैं कि वे दाह संस्कार के लिए चंदा मांग रहे हैं। लेकिन अहंकारी नीतीश शराबबंदी की सफलता को लेकर चिंतित हैं।"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।