Imamganj Bihar Election Results 2025: बिहार की इमामगंज विधानसभा सीट पर हम की प्रत्याशी दीपा कुमारी ने जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 104861 वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहीं ऋतु प्रिया चौधरी को 79005 वोट मिले। दीपा ने 25856 वोट से चुनाव जीता। यहां पर मुख्य मुकाबला एनडीए के घटक दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल के बीच माना जा रहा था। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी यहां से चुनावी मैदान में थे।
इमामगंज सीट के प्रमुख उम्मीदवारों की बात करें तो यहां से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की दीपा मांझी चुनाव मैदान में थे। दीपा, जीतन राम मांझी की बहू हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल ने रितु प्रिया चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा था, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज से अजीत कुमार ताल ठोंक रहे थे। ऐसे में इस सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया था। जन सुराज के चुनाव मैदान में आने से यहां मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था।
2020 का चुनाव परिणाम
2020 के विधानसभा चुनाव में इमामगंज से हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के जीतन राम मांझी ने भारी जीत हासिल की थी। उन्हें 78,762 वोट मिले थे, जबकि राष्ट्रीय जनता दल के उदय नारायण चौधरी को 62,728 वोट मिले थे। इस तरह से हार जीत का अंतर कुल 16,034 वोट का था। जब जीतन राम मांझी सांसद बने तो इमामगंज सीट पर उपचुनाव हुआ, जिसमें उनकी बहू दीपा मांझी ने जीत दर्ज की।
2015 का चुनाव परिणाम
2015 में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने उदय नारायण चौधरी को हराकर चौधरी के लिए अजेय समझी जाने वाली इस सीट को अपने नाम कर लिया था। इससे पहले उदय नारायण चौधरी इस सीट से 5 बार चुनाव जीत चुके थे, लेकिन इस सिलसिले को जीतन राम मांझी ने तोड़ा और उदय नरायण चौधरी को करीब 30 हजार वोटों से हराया था। इसके बाद से इस सीट पर उनका ही दबदबा बना हुआ है।
क्यों खास है इमामगंज विधानसभा सीट?
यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद से दलित वोट बैंक पर केंद्रित रही है। राजनीतिक रूप से इमामगंज विधानसभा सीट जीतन राम मांझी के हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM-Secular) का गढ़ मानी जाती है। मांझी का दल यहां दलितों, खासकर मांझी समुदाय के बीच मजबूत पकड़ रखता है। इस विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति (SC)मुख्यत: मांझी वोट करीब 35 से 40 प्रतिशत के बीच है। वहीं ओबीसी खासतौर से यादव और कुशवाहा वोटों का प्रतिशत 25 से 30 के बीच है। सवर्ण वोट 15 से 20 प्रतिशत के बीच हैं, जबकि मुस्लिम वोट 16 से 17 प्रतिशत के बीच है।