पूर्वी चम्पारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र के बेलवतिया गांव में सोमवार की रात एक शादी उस समय टूट गई, जब शादी के दौरान नेग की रस्म में चढ़ाए गए गहने कथित रूप से नकली पाए गए। इस खुलासे के बाद शादी के मंडप में अचानक हंगामा मच गया और देखते ही देखते खुशियों का माहौल गम में बदल गया। मामला इतना बढ़ गया कि लड़की पक्ष ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और शादी के लिए अरेजमेंट में हुए खर्च की भरपाई की मांग पर अड़ गए। विवाद के कारण कई बाराती रातभर गांव में ही रुके रहे और दूसरे दिन भी मामला सुलझ नहीं सका।
कहां से आई थी बारात
प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल के बारा जिला अंतर्गत परसोतीपुर गांव निवासी युगल सहनी के पुत्र सुभाष कुमार की बारात बेलवतिया गांव पहुंची थी। दोनों परिवारों की सहमति से विवाह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। बारात के स्वागत के बाद जयमाला और अन्य वैवाहिक रस्में भी संपन्न हो चुकी थीं और सिंदूरदान की तैयारी चल रही थी।
इसी दौरान नेग की रस्म के तहत लड़का पक्ष द्वारा लड़की को चढ़ाए गए गहनों की जांच कराई गई। जांच में गहने नकली होने की बात सामने आने पर लड़की पक्ष के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते विवाह मंडप में विवाद शुरू हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी। लड़की के पिता लक्ष्मीनारायण सहनी ने आरोप लगाया कि लड़का पक्ष की ओर से पूर्व में की गई मांग के अनुसार नकद राशि समेत अन्य तोहफे दिए जा चुके थे। उन्होंने कहा कि जब सिंदूरदान से ठीक पहले यह जानकारी मिली कि नेग में दिए गए गहने नकली हैं, तो उन्हें लगा कि ऐसे परिवार में अपनी बेटी की शादी करना उचित नहीं होगा। इसी कारण उन्होंने शादी से इनकार कर दिया।
खर्च की भरपाई की मांग पर अड़े लड़की पक्ष
उन्होंने कहा कि शादी की तैयारियों, खानपान, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं में काफी खर्च हुआ है। ऐसे में लड़का पक्ष पहले विवाह समारोह में हुए खर्च की भरपाई करे, उसके बाद ही उन्हें जाने दिया जाएगा। शादी टूटने की खबर फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। देर रात तक दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बातचीत का दौर चलता रहा। बताया जाता है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ बाराती वहां से चले गए, जबकि कई बाराती गांव में ही रुके रहे। मंगलवार को भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम रहे।
मामले को सुलझाने में जुटी पुलिस
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत भी बुलाई गई, जहां समझौते की कोशिशें की गईं। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी ठोस निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी थी। ग्रामीणों के अनुसार रातभर पंचायत और बातचीत का सिलसिला चलता रहा, लेकिन खर्च की भरपाई और गहनों को लेकर विवाद बना हुआ है। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
(रिपोर्ट - अरविन्द कुमार)