1. Hindi News
  2. बिहार
  3. मुजफ्फरपुर: स्कूल परिसर में खेलते समय करंट लगने से 3 साल के बच्चे की मौत, लापरवाही पर मचा बवाल

मुजफ्फरपुर: स्कूल परिसर में खेलते समय करंट लगने से 3 साल के बच्चे की मौत, लापरवाही पर मचा बवाल

 Published : Jun 23, 2026 04:16 pm IST,  Updated : Jun 23, 2026 04:16 pm IST

बिहार के मुजफ्फरपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर बड़ी लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

मुजफ्फरपुर: स्कूल परिसर में खेलते समय करंट लगने से 3 साल के बच्चे की मौत- India TV Hindi
मुजफ्फरपुर: स्कूल परिसर में खेलते समय करंट लगने से 3 साल के बच्चे की मौत Image Source : INDIA TV

मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा प्रखंड स्थित एक प्राथमिक विद्यालय से दर्दनाक हादसा सामने आया है। स्कूल परिसर में समरसेबल के नंगे तार की चपेट में आने से तीन साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

खेलते-खेलते पहुंचा मौत के मुंह में 

यह घटना हत्था थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मुन्नी मुसहर अजजा की है। मृतक की पहचान विराज कुमार (3 वर्ष) के रूप में हुई है, जो रमय मांझी का इकलौता पुत्र था। बताया जा रहा है कि सुबह में बच्चा स्कूल परिसर में खेलने चला गया। इसी दौरान वह खेलते खेलते समरसेबल के खुले तार की चपेट में आ गया और करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया।

अस्पताल में तोड़ी दम 
घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग आनन-फानन में बच्चे को बंदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और  विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही हत्था थाना अध्यक्ष लोकेश कुमार चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। 

शिक्षक बोले- तार पर सुरक्षा कवर लगा था

वहीं विद्यालय के शिक्षक विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि समरसेबल के तार पर सुरक्षा कवर लगाया गया था, लेकिन आसपास के बच्चे उस पर झूलते रहते थे, जिससे कवर खिसक गया। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मावकाश के बाद सोमवार को विद्यालय खुला था और सभी शिक्षक साफ-सफाई के कार्य में लगे थे. इसी दौरान बच्चा वहां पहुंच गया और हादसा हो गया.

चहारदीवारी नहीं होने से परेशानी
उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल में चहारदीवारी नहीं है। बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए कई बार विभाग को पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना ने सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विराज अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

(रिपोर्ट - संजीव कुमार)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।