पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों से एक और बड़ी खबर सामने आई है। ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के भीतर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कल ऋतब्रत बनर्जी की सीक्रेट मीटिंग में जो लोग पहुंचे थे, उन्हें कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया गया था। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, आज उन सभी तृणमूल नेताओं को पार्टी से निकाल दिया गया है।
इन निकाले गए लोगों की लिस्ट में विधायक फिरहाद हकीम, अरूप रॉय, जावेद खान, रथिन घोष, सबीना यास्मीन के साथ बिप्लब मित्रा और अरूप बिस्वास शामिल हैं।
निष्कासित नेताओं की लिस्ट-
- फिरहाद हकीम (विधायक)
- अरूप रॉय (विधायक)
- जावेद खान (विधायक)
- रथिन घोष (विधायक)
- सबीना यास्मीन (विधायक)
- अरूप बिस्वास (विधायक)
- बिप्लब मित्रा (विधायक)
TMC में बढ़ती जा रही है बगावत
दरअसल, पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी को मिली करारी शिकस्त के बाद TMC में बगावत लगातार बढ़ती जा रही है। पहले विधायकों और सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला। इसके बाद अब कोलकाता नगर निगम के 70 पार्षदों की ऋतब्रत बनर्जी के साथ बैठक करने की बात सामने आई। ममता बनर्जी के करीबी और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम भी इस बैठक में शामिल हुए। ये पार्षद तीन अलग-अलग जिलों से हैं, जिनमें कम से कम 50 पार्षद कोलकाता नगर निगम के बताए जा रहे हैं।
वहीं, कुछ दिन पहले फिरहाद हकीम ने राज्य विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के साथ बंद कमरे में बैठक की थी। फिरहाद हकीम, ममता बनर्जी का भरोसेमंद सहयोगी माने जाते रहे हैं। फिरहाद हकीम हकीम 2018 में कोलकाता के मेयर बने थे और कुछ हफ्ते पहले ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से उन्हें कई मौकों पर ऋतब्रत बनर्जी के साथ देखा जा चुका है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जब कोलकाता नगर निगम दफ्तर का दौरा किया था, तब भी फिरहाद हकीम को उनके साथ मंच पर देखा गया था। ममता बनर्जी की सरकार में फिरहाद हकीम कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह कोलकाता पोर्ट सीट से टीएमसी के विधायक हैं।
बता दें कि TMC तीन गुट में बंट गई है। एक गुट में ऋतब्रत बनर्जी के साथ 80 में से 60 विधायक हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में टीएमसी के 28 में से 20 बागी सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है।
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