बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दो लाख रुपये के इनामी मोस्टवांटेड अपराधी हरेंद्र चौधरी उर्फ बुटन चौधरी को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने मुंबई के पास से गिरफ्तार कर लिया है। बुटन चौधरी पिछले काफी समय से फरार चल रहा था। उस पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे 15 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, अब एसटीएफ की टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर बिहार लेकर आएगी, जहां उस पर दर्ज अन्य मामलों में पूछताछ की जाएगी।
बेलाउर गांव का कुख्यात अपराधी
बुटन चौधरी मूल रूप से भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव का रहने वाला है। वह लंबे वक्त से फरार होकर महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार इलाके में छिपकर रह रहा था। बिहार सरकार ने उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
AK-47 की बरामदगी के बाद से था फरार
बुटन चौधरी, पंचायत समिति सदस्य दीपक साह की हत्या और उसके घर से एक AK-47 रायफल और अन्य हथियार की बरामदगी के बाद से फरार चल रहा था। अप्रैल 2023 में बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस की टीम ने उसके घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस को एक AK-47 रायफल, चार मैगजीन, 43 कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड मिले थे। हालांकि, तब बुटन चौधरी पुलिस के हाथ नहीं लग पाया था, लेकिन उसके भाई उपेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उसके भाई की पत्नी उर्मिला देवी बेलाउर पंचायत की मुखिया है।
प्रतिबंधित हथियार बरामदगी मामले में वांटेड बुटन चौधरी के अलावा उसके भाई उपेंद्र चौधरी को भी नामजद किया गया था। 9 साल पहले भी कुख्यात बुटन चौधरी समेत पांच बदमाशों को AK-47 समेत अन्य हथियारों के साथ पकड़ा गया था। इनामी हिस्ट्रीशीटर बुटन चौधरी बीडीसी सदस्य दीपक साह की हत्या समेत अन्य कांडों में भी फरार चल रहा था। दीपक साह की चुनावी रंजिश को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसे घर से बुलाकर गोली मारी गई थी। इस हत्या का आरोप बुटन चौधरी गिरोह पर लगा था।
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