पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज मंत्रिपरिषद की बैठक होनेवालवी है जिसमें रोजगार से जुड़े तीन नए विभागों के गठन पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी। हाल में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बंपर जीत के बाद यह नयी सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक होगी। राज्य में रोजगार सृजन को लेकर महत्वाकांक्षी योजना को गति देने की दिशा में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार का वादा
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था। चुनाव में जीत के बाद सरकार इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए विभागीय पुनर्संरचना पर तेजी से काम कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित तीनों विभाग रोजगार मिशन के लिए समन्वित ढांचा तैयार करेंगे, जिससे युवाओं को अधिक व्यवस्थित, व्यापक और त्वरित अवसर मिल सकेंगे।
सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट में जिन विभागों पर विचार होना है, वे राज्य में उद्योग, कौशल विकास, डिजिटल रोजगार और उद्यमिता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। इसके माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि कौशल प्रशिक्षण को सुदृढ़ किया जाए, औद्योगिक सहयोग बढ़ाया जाए और सरकारी रिक्तियों को तेजी से भरते हुए रोजगार के अवसरों को बहुआयामी बनाया जाए। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इन विभागों की स्थापना के बाद रोजगार सृजन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को ‘युवा-केंद्रित दृष्टिकोण’ के साथ लागू करना आसान होगा।
मुख्यमंत्री ने कच्ची दरगाह बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना का लिया जायजा
सीएम नीतीश कुमार ने कच्ची दरगाह बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के द्वितीय चरण के हाजीपुर-महनार पथ से चकसिकंदर तक के निर्माण कार्य का लिया जायजा, तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कच्ची दरगाह बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के प्रथम चरण के लोकार्पण के बाद पटना से राघोपुर तक की सम्पर्कता बहाल हो चुकी है।
बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कच्ची दरगाह बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के बचे हुये कार्यों को तेजी से पूर्ण करें। साथ-साथ पहुंच पथ का भी निर्माण कार्य पूर्ण करें ताकि आवागमन निर्बाध और सुचारू रूप से हो सके। उन्होंने कहा कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के पूर्ण होने से इस क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना से निर्बाध सड़क सम्पर्कता मिलेगी। इस क्षेत्र में कृषि, उद्योग सहित अन्य व्यवसायों का और तेजी से विकास होगा। आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में इलाज के लिये पटना पहुँचने में मरीजों को भी काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सेतु पर भी यातायात का भार कम होगा तथा उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार की सम्पर्कता के लिये लोगों को एक और वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे आवागमन और सुगम होगा। इस पुल के निर्माण से पटना शहर के बाहर से ही लोग उत्तर बिहार के विभिन्न जगहों पर आसानी के साथ आवागमन कर सकेंगे।
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा 23 जून 2025 को कच्ची दरगाह (पटना) से राघोपुर दियारा (वैशाली) तक नवनिर्मित पथांश का उद्घाटन किया गया था। पटना जिला अन्तर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-30 पर अवस्थित कच्ची दरगाह एवं वैशाली जिला अन्तर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ सख्या-103 पर अवस्थित बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर कुल 19.76 कि०मी० लम्बाई के 6 लेन ग्रीन फिल्ड पुल परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत 9.76 कि०मी० लम्बा पुल तथा 10 कि०मी० लम्बा पहुंच पथों का निर्माण कार्य होना है। इस परियोजना की कुल लागत 4 हजार 988 करोड़ रूपये है। (इनपुट-भाषा)