गयाजीः गयाजी जिले के टनकुप्पा प्रखंड के मायापुर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्धि यात्रा कार्यक्रम के दौरान एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। जहां एक ओर सीएम मंच से वर्ष 2006 से अब तक के विकास कार्यों को गिना रहे थे। वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे ग्रामीण खेत में लगे हरे चने की फसल पर हाथ साफ करते नजर आए।
सभा के साथ ‘चना तोड़ अभियान’
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। इसी दौरान सेंटर परिसर में लगी चने की फसल को लोगों ने मौका देखकर उखाड़ना शुरू कर दिया। जिसे मौका मिला, वह हरा चना का पौधा उखाड़ते हुए आराम से सभा स्थल की ओर बढ़ता दिखा।
आधुनिक खेती के मॉडल पर ही चोट
यह वही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है, जहां आधुनिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां खास तौर पर मोटे अनाज (मिलेट्स) की उन्नत खेती पर जोर दिया जा रहा है। अन्य फसलों की तुलना में करीब 20% कम पानी में उत्पादन संभव हो सके। लेकिन कार्यक्रम के दौरान ही फसल को नुकसान पहुंचाना व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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प्रशासन रहा बेखबर?
घटना के दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था इस पूरे घटनाक्रम से अनजान नजर आई। खुलेआम फसल उखाड़े जाने के बावजूद किसी तरह की रोक-टोक नहीं दिखी, जिससे लोगों ने बेझिझक इसका फायदा उठाया। एक ओर सरकार खेती को आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे मॉडल विकसित कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसी परिसर में फसल की ‘लूट’ जैसी तस्वीरें सामने आना व्यवस्था की हकीकत भी उजागर कर रहा है।
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मायापुर में कई योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया
वहीं, बिहार सीएम नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा में गया में 750 करोड़ रुपए की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। सीएम नीतीश ने 553 योजनाओं का उद्घाटन और 140 का शिलान्यास किया। गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड के मायापुर में बिहार पोषक अनाज और मूल्य श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि पहले शिक्षा,बिजली,स्वास्थ्य का बुरा हाल था। अस्पतालों में महीने में 39 मरीज हीं आते थे अब 11000 मरीज हर महीने मुफ्त दवा और इलाज की सुविधा ले रहे है।
रिपोर्ट- अजीत कुमार