नई दिल्ली: दिल्ली में बड़ी बहन मीसा भारती से मिलने के बाद अपने ससुराल रवाना होने से पहले रोहिणी आचार्य ने मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मुझे सवाल पूछने पर घर से भगाया गया। उन्होंने कहा कि लालू-प्रसाद और राबड़ी देवी भी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता मेरे साथ हैं।
जो कुछ भी हुआ, मैंने झूठ नहीं बोला
रोहिणी आचार्य कहा, 'मुझे जो कुछ भी कहना था, मैंने सोशल मीडिया पर कह दिया है। जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में मैंने झूठ नहीं बोला है। आप ये सब तेजस्वी यादव, संजय यादव, राहेल यादव और रमीज़ से जाकर पूछ सकते हैं। मेरे पिता हमेशा मेरे साथ खड़े रहे हैं। मेरे माता-पिता और मेरी बहनें कल मेरे लिए रो रही थीं। मैं उनके जैसे माता-पिता पाकर खुशकिस्मत हूं। जिस परिवार में भाई होते हैं, वहां सिर्फ़ उन्हें ही परिवार के लिए त्याग करना चाहिए। मेरे माता-पिता और मेरी बहनें मेरे साथ हैं। मैं मुंबई अपने ससुराल जा रही हूं। मेरी सास इन सबके बाद मेरे लिए बहुत चिंतित हैं, और उन्होंने मुझे वापस बुला लिया है। मैं अपनी सास के पास जा रही हूं।"
लालू की तीन बेटियां भी बच्चों के साथ दिल्ली रवाना
उधर, रोहिणी के घर छोड़ने के बाद अब लालू की तीन बेटियां भी अपने बच्चों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है। इसे लालू परिवार का विवाद काफी गहराने का संकेत माना जा रहा है। रोहिणी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने मीडिया के सामने कहा था कि पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। उन्होंने संजय यादव, रमीज और तेजस्वी का नाम लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इनलोगों ने उन्हें अपमानित किया।
रोहिणी ने एक्स पर एक भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया, मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी। उन्होंने कहा, ‘‘कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़ आयी, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा न हो।’’