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उपेंद्र कुशवाहा के जेडीयू छोड़ने की अटकलें तेज, जानिए नीतीश ने क्या कहा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 21, 2023 11:36 pm IST,  Updated : Jan 21, 2023 11:36 pm IST

पार्टी से ‘असंतुष्ट’ बताए जा रहे कुशवाहा जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) छोड़ सकते हैं। कुमार से जब कुशवाहा के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में कहा, “ज़रा उपेंद्र कुशवाह को कहिए कि हमसे बात कर लें।”

नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा- India TV Hindi
नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा Image Source : पीटीआई फाइल

गया: पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) छोड़ने की अटकलों के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि वह अपने अहम राजनीतिक सहयोगी कुशवाहा से बात करेंगे। पार्टी से ‘असंतुष्ट’ बताए जा रहे कुशवाहा जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) छोड़ सकते हैं। कुमार से जब कुशवाहा के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में कहा, “ज़रा उपेंद्र कुशवाह को कहिए कि हमसे बात कर लें।” 

जदयू नेता नीतीश कुमार गया जिले में कुशवाहा को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। कुशवाहा जदयू के संसदीय बोर्ड के प्रमुख हैं। गया में अपनी ‘समाधान यात्रा’ के दौरान नीतीश कुमार ने कहा, “हर किसी को अपना रास्ता तय करने का अधिकार है। कुशवाहा एक नहीं कई बार अलग हो चुके हैं और फिर वापस आए हैं।” कुमार ने कहा, “उनकी फिलहाल तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें वापस आने दें। मैं उनसे बात करूंगा।” 

गौरतलब है कि कुशवाहा की दिल्ली स्थित एम्स में भाजपा के कुछ नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। कुशवाहा ने दो साल पहले अपनी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) का विलय जदयू में कर दिया था। इसके बाद उन्हें जदयू के संसदीय बोर्ड का प्रमुख बनाया गया और वह विधान परिषद के सदस्य भी बने।

अमित शाह अगले महीने पटना में भाजपा के किसान सम्मेलन में शिरकत करेंगे 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन में भाग लेने के लिए 22 फरवरी को पटना आएंगे। पार्टी नेताओं ने यह जानकारी दी। भाजपा का यह किसान सम्मेलन स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। स्वामी सहजानंद सरस्वती एक संन्यासी और किसान नेता थे। भाजपा नेताओं ने बक्सर की हिंसा का उल्लेख करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'किसान विरोधी' भी करार दिया। गौरतलब है कि बक्सर में 11 जनवरी को हुई हिंसा में ताप विद्युत परियोजना के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था।

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