पटना: विधानसभा में आज हुए हंगामे के बाद नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष ने उनके भाषण को डिस्टर्ब करने की कोशिश की। तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरे चरित्र को बदनाम करने की कोशिश की गई। तेजस्वी ने कहा कि जब सत्ता खिसक रही है तो इस तरह का वातवरण क्रिएट किया जा रहा है। उन्होंने विधानसभा के बाहर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए यह आरोप लगाया।
Related Stories
मंत्रियों के बारे तेजस्वी ने क्या कहा?
तेजस्वी ने कहा-'मुझ पर अपशब्द बोलने का आरोप लगाया गया। हमने कहा कितुम कौन होते हो तय करने वाले.. यह भी अपशब्द हो गया? ज्यादा जोर से बोलिएगा तो पैंट गीला हो जाएगा.. यह अपशब्द थोड़े है ? टोंट है.. व्यंग है. इसको आप अपशब्द कहेंगे? लेकिन अपशब्द तो हम सुन रहे थे। मेरे माता-पिता को गाली दी जा रही थी। उनके मंत्री कूदते रहते हैं बिना किसी तर्क के, सच सुनने की हिम्मत भाजपाई गुंडो में नहीं है।'
विपक्ष का काम है सवाल पूछना
तेजस्वी ने कहा कि इनके पास कोई जवाब नहीं था। यह लोग चाहते थे उत्पात मचाना। पहली बार ऐसा देखा गया कि सत्ता पक्ष ही कूद रहा है, हल्ला हंगामा कर रहा है। विपक्ष का काम है सवाल पूछना, आपका काम है जवाब देना। लोकतंत्र के मंदिर को इन लोगों ने गंदा करने का प्रयास किया है।'
हमने असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया
तेजस्वी ने कहा कि हमने 5 साल के कार्यकाल में अगर किसी को बुरा लगा हो तो माफी मांगी। हमने असंसदीय भाषा का प्रयोग या कभी किसी को गाली नहीं दिया और ये लोग गंदी-गंदी गालियां दे रहे हैं। अब लग रहा है कुर्सी खिसक रही है,सत्ता में आने वाले नहीं है तो कुछ भी कर लें।
अपने आका को खुश करना चाहते हैं यो लोग
नेता विपक्ष ने आगे कहा कि दिक्कत क्या है भाजपा में इन लोगों में अटेंशन का प्रॉब्लम है, फुटेज चाहिए, ऐसे तीन-चार मंत्री हैं जिनको फुटेज की बीमारी है। अपने आका को खुश करने के लिए टीवी पर इनका चेहरा चमकते रहना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि NDA की बैठक में अशोक चौधरी और विजय सिन्हा एक दूसरे को भ्रष्टाचारी बता रहे थे, ये ईमानदार लोग थोड़े हैं। सम्राट चौधरी ने कह दिया आज तक पेपर लीक नहीं हुआ, जब सरकारी ही मान रही है पेपर लीक नहीं हुआ तो कभी कोई पकड़ भी जाएगा क्या?