पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से बिहार विधानसभा के स्पीकर को अभी तक यह सूचना नहीं दी गई है कि तेज प्रताप यादव को पार्टी से निकाल दिया गया है। इसलिए तेज प्रताप की सीट व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अगर तेज प्रताप 5 दिनों तक चलनेवाले विधानसभा सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेने आएंगे तो तेजस्वी के बगल वाली पहले से निर्धारित सीट पर ही बैठेंगे। बता दें कि बिहार विधानसभा का मानसून सत्र कल से शुरू हो रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने इंडिया टीवी को बताया कि चूंकि पार्टी की तरफ से तेज प्रताप यादव को निकाले जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है इसलिए सीट अरेंजमेंट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे पहले से निर्धारित सीट पर ही बैठेंगे। तेज प्रताप, तेजस्वी यादव के बगल वाली सीट पर बैठते हैं। इसलिए अब इस बात में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है कि क्या तेजस्वी और तेजप्रताप एक बार फिर विधानसभा में साथ-साथ बैठे हुए नजर आएंगे?
दरअसल, तेजप्रताप यादव को मई महीने में राष्ट्रीय जनता दल से निकाल दिया गया था। उन्हें निकाले जाने की वजह थी उनकी फेसबुक पोस्ट जिसमें उन्होंने अनुष्का यादव की तस्वीर के साथ इस बात का जिक्र किया था कि वे पिछले 12 साल से रिलेशनशिप में हैं। तेजप्रताप के इस पोस्ट से सनसनी फैल गई थी।
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने इस पर कड़ा रुख अपनाया और एक बयान में कहा कि तेज प्रताप की गतिविधियां और उनका यह आचरण गैर-जिम्मेदाराना है। पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। इसलिए उन्हें पार्टी और परिवार से दूर रखने का फैसला लिया गया है। लालू प्रसाद के छोटे बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने भी इस फैसले का समर्थन किया था।
इस बीच 18 जुलाई को ऐसी खबरें आई थीं कि तेजप्रताप आरजेडी से निष्कासन के बाद अब नए राजनीतिक विकल्प तलाशने में जुटे हैं। इस कड़ी में एक नए राजनीतिक दल का ऐलान भी कर सकते हैं। वे 18 जुलाई को शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाले थे। लेकिन बाद में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई और न ही इस संदर्भ में आगे की कोई सूचना दी गई।
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