नई दिल्ली: चीन ने 9वीं शताब्दी में बारूद का अबिष्कार किया था। इसका प्रयोग वह बांस की नली में डालकर जानवरों और दुश्मनों को मारने के लिए करते थे। परंतु एक दशक के बाद विज्ञान ने घातक खोज की है। अब बंदूकों से कुछ ही सेकेंड़ में किसी भी को भी मार सकता है। बारूद लंबे समय से पुराने बांस ट्यूब में इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अब इसका प्रयोग गैस के दबाव के लिए किया जाता है। आइए दुनिया की 10 सबसे शक्तिशाली बंदूकों पर एक नजर ड़ालते है:
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- ये हैं दुनिया की सबसे शक्तिशाली 10 बंदूकें
ये हैं दुनिया की सबसे शक्तिशाली 10 बंदूकें
नई दिल्ली: चीन ने 9वीं शताब्दी में बारूद का अबिष्कार किया था। इसका प्रयोग वह बांस की नली में डालकर जानवरों और दुश्मनों को मारने के लिए करते थे। परंतु एक दशक के बाद विज्ञान
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