सुकमा का पुवर्ती गांव जो कभी नक्सलियों के गढ़ में था, अब सिलगेर से पुवर्ती तक सड़क और तीन बेली ब्रिज के निर्माण के साथ तेज़ी से विकसित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सिलगेर, पुवर्ती और जगरगुंडा के बीच पड़ने वाली नदी पर लोहे का बेली ब्रिज बनाया गया है, जिससे लोगों को आवागमन में काफ़ी सुविधा हो रही है। इस पुल से छोटे वाहन भी आसानी से पार कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में सुगमता में काफ़ी सुधार हुआ है। यह पिछले 20 महीनों में हमारे सत्ता में आने का नतीजा है।
Related Stories
ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
वहीं, सुकमा के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर सीमा सड़क संगठन (BRO) ने इस क्षेत्र में अपना काम शुरू कर दिया है। ये बेली ब्रिज BRO की तकनीकी विशेषज्ञता के कारण ही बनाए गए हैं, जिन्होंने इन्हें स्थापित किया है। शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य विभागीय कर्मचारी, जो पहले बारिश के कारण इन ग्रामीण इलाकों तक नहीं पहुंच पाते थे, अब इन तक पहुंच सकते हैं।
ग्रामीणों ने कही ये बात
वहीं, ग्रामीण, नयन कुमार सेठिया ने कहा कि सड़कें खराब थीं, बीच-बीच में नालियां थीं। ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत होती थी और यह इलाका कुछ हद तक जंगली है, जिससे अकेले आना-जाना मुश्किल हो जाता था। अब सरकार द्वारा बनाई गई सड़कें और पुल आने-जाने में बहुत मददगार हैं। ग्रामीणों को धीरे-धीरे सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। यह इलाका पहले बहुत खतरनाक माना जाता था। इसे रेड ज़ोन माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। सरकार सहयोग कर रही है, और सरकारी योजनाओं के तहत लोगों का जीवन धीरे-धीरे बदल रहा है।"
धमतरी में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण
वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को धमतरी जिले से राज्य के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव में कार्यक्रम के दौरान राज्य के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को साय ने राज्य की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘माताओं-बहनों के लिए गांवों में ही महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी जिससे आप वहां इकट्ठा होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है।’’
इनपुट- एएनआई और भाषा