छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डिजीलॉकर के माध्यम से लाखों पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। सीएम साय की अगुआई वाली छत्तीसगढ़ सरकार शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और डिजिटल सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री साय की पहल पर राज्य के वित्त विभाग एवं पेंशन संचालनालय ने डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म के जरिए इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (ePPO) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता सुनिश्चित की है।
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल डिजिटलीकरण संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। राज्य के लगभग 3.61 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी अब डिजीलॉकर के माध्यम से अपने जीपीएफ स्टेटमेंट, अंतिम भुगतान आदेश, पेंशन प्रमाण पत्र और पेंशन भुगतान आदेश जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कहीं से भी, कभी भी, सुरक्षित एवं प्रमाणिक रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
इस सुविधा से दस्तावेजों की फिजिकल प्रतियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अभिनव पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए पेंशन संचालनालय की तकनीकी दक्षता, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण में की गई मेहनत तथा डिजीलॉकर प्लेटफ़ॉर्म के साथ किए गए समन्वय की सराहना की। यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम बना रहा है, बल्कि नागरिकों में विश्वास और संतोष भी बढ़ा रहा है।
यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ की ओर से एक उदाहरण बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री साय की इस पहल से पेंशनरों, कर्मचारियों और प्रशासन तीनों को सीधा लाभ मिल रहा है। अब लोग अपने दस्तावेंजों के लिए सरकारी ऑफिस के चक्कर कम लगाएंगे। इससे कर्मचारियों का वर्कलोड भी कम होगा। वहीं, डिजीलॉकर से तुरंत डॉक्यूमेंट का सत्यापन किया जा सकेगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया भी तेज होगी।
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