अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक गांव में कथित तौर पर छह लोगों ने दो आदिवासी लड़कियों का रेप किया। आरोपियों में तीन नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि 24 अप्रैल की रात सीतापुर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के सिलसिले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।
बाइक पर उठाकर ले गए बदमाश
पुलिस ने बताया कि चार लड़कियां एक शादी समारोह से पैदल घर लौट रही थीं। इस बीच बाइक पर सवार आरोपियों ने लड़कियों को रोका। दो पीड़ितों को, जिनमें से एक की उम्र 15 साल और दूसरी की 13 साल थी, जबरन एक मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया और उनके साथ गैंगरेप किया। दो लड़कियां मौके से फरार होने में कामयाब रहीं।
पीड़ितों ने दर्ज कराया मामला
पीड़ितों में से एक उसी रात घर लौट आई और अगले दिन अपने परिवार को घटना के बारे में बताया। इसके बाद 26 अप्रैल को सीतापुर थाने में भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया। एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों की मेडिकल जांच 26 और 27 अप्रैल को सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि, जब पीड़ितों के परिवारों ने इन नतीजों पर असंतोष व्यक्त किया, तो लड़कियों को अंबिकापुर के जिला अस्पताल में दोबारा मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। इस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सभी छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद बेक (27), विकास तिग्गा (24) और मनीष खलखो (18) के रूप में हुई है। ये सभी सीतापुर इलाके के रहने वाले हैं। तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनमें से दो की उम्र 17 साल है।