Malviya Nagar Hotel Fire: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर अग्निकांड हुआ है। पूरा का पूरा होटल लाक्षागृह बन गया। देखते ही देखते 21 लोग जिंदा जल गए। मालवीय नगर के होटल में जिस समय आग लगी, उसके कुछ वीडियो सामने आए हैं। उसमें दिख रहा है कि भीषण आग के बीच कैसे लोग अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से छलांग लगा रहे थे। कोई खिड़की से लटक कर बचने की कोशिश कर रहा था तो दूसरी तरफ होटल धू-धू कर जल रहा था।
VIDEO में दिखी जलते होटल से बाहर निकलने की जद्दोजहद
मालवीय नगर अग्निकांड का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक शख्स होटल की खिड़की पर लटकता दिखाई दे रहा है। दूसरी मंजिल पर होने के वजह से वह कूदने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है। वहीं, एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति होटल की पहली मंजिल पर बनी खिड़की से कूदता नजर आ रहा है। उसकी मदद के लिए सड़क पर गद्दे बिछाए गए। एक अन्य वीडियो में होटल फ्लोरिश स्टे धू-धूकर जलता दिखाई दे रहा है और दमकल विभाग के कर्मी आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं।
होटल फ्लोरिश स्टे के पास नहीं था फायर NOC
दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में हुए इस अग्निकांड को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दावा है कि मालवीय नगर के होटल फ्लोरिश स्टे के पास फायर का NOC नहीं था। होटल ने फायर की NOC नहीं ली थी। होटल में कोई इंटरनल फायर फाइटिंग सिस्टम भी नहीं था। होटल की सभी खिड़कियां सील थीं, जिससे धुआं भर गया और लोगों का दम घुट गया।
बाहर निकलने का एक ही रास्ता होने से फंसे लोग
चूंकि, होटल की बिल्डिंग में एक ही सीढ़ी थी और निकलने का दूसरा कोई अन्य रास्ता नहीं था। इसी वजह से लोग नहीं निकल पाए। बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर को मिलाकर कुल 5 फ्लोर थे। साथ ही, बेसमेंट में किचन चल रहा था। टॉप फ्लोर पर दो कमरे थे। यहां आग लगने की वजह से 21 लोगों की मौत हो गई।
6 कमरों की परमिशन पर बना रखे थे 25 कमरे
जानकारी के मुताबिक, होटल संचालक को 6 कमरे बनाने की परमिशन मिली थी लेकिन उसने 25 कमरे बना रखे थे। ये भी बताया जा रहा है कि होटल में एंट्री के गेट पर इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगा था। आग लगते ही बिजली कट गई। इसकी वजह से दरवाजा पूरी तरह से लॉक हो गया और फिर नहीं खुला। यानी लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला और उसमें जिंदा जलकर 21 लोगों की मौत हो गई।
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