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देश में पहली बार चलेगी 3 कोच की मेट्रो, 8 किमी का होगा कॉरिडोर, 4 लाइनों के साथ कनेक्टिविटी

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Apr 07, 2025 11:25 am IST,  Updated : Apr 07, 2025 11:25 am IST

तीन कोच की मेट्रो के परिचालन में लागत कम आएगी। ऐसे में कम यात्री होने पर भी ट्रेन तय समय पर चलती रहेगी और नुकसान नहीं होगा। वहीं, यात्रियों की संख्या बढ़ने पर मेट्रो की फ्रीक्ववेंसी बढ़ा दी जाएगी।

Metro train- India TV Hindi
मेट्रो ट्रेन (प्रतीकात्मक फोटो) Image Source : X

देश का सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क दिल्ली मेट्रो अब देश की सबसे छोटी मेट्रो का परिचालन भी शुरू करेगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक तीन कोच की मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। भारत में यह पहली मेट्रो ट्रेन होगी, जिसमें सिर्फ तीन कोच होंगे। फिलहाल देश के अलग-अलग शहरों में चार, छह या आठ कोचों के साथ मेट्रो सेवा का संचालन किया जा रहा है।

डीएमआरसी आधिकारियों ने रविवार को एक बयान में कहा कि यह दिल्ली मेट्रो परियोजना के चौथे चरण का हिस्सा है। यह कॉरिडोर आठ किलोमीटर तक फैला होगा और डीएमआरसी नेटवर्क में दूसरा सबसे छोटा कॉरिडोर होगा। इस लाइन का उद्देश्य शहर के अंदरूनी हिस्सों तक कनेक्टिविटी को बढ़ाना और मौजूदा कॉरिडोर के साथ बिना किसी परेशानी के इंटरचेंज सुनिश्चित करना है। 3-कोच वाली ट्रेनों को विशेष रूप से कम दूरी की शहरी यात्रा के लिए विकसित किया गया है।

कम दूरी के सफर और कनेक्टिविटी पर जोर

डीएमआरसी ने कहा कि यह निर्णय यात्रियों की जरूरतों के वास्तविक आंकलन के आधार पर लिया गया है। जिन रूट पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है, वहां लंबी दूरी वाली ट्रेनें चलाने की जरूरत होती है। इन ट्रेनों में कोच की संख्या भी ज्यादा होती है, लेकिन लाजपत नगर-साकेत खंड मुख्य रूप से कम दूरी के यात्रियों को सेवाएं प्रदान करता है, जिन्हें लगातार मेट्रो सेवा की जरूरत होती है, लेकिन यात्रियों की संख्या सीमित है। डीएमआरसी ने कहा कि कॉरिडोर का अनुमानित पीक ऑवर पीक डायरेक्शन ट्रैफिक (पीएचपीडीटी) अधिक क्षमता की आवश्यकता के बिना आरामदायक आवागमन की अनुमति देगा। 

आठ स्टेशन के बीच चलेगी मेट्रो

तीन कोच वाली प्रणाली का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले शहरी मानकों को बनाए रखते हुए आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है। प्रत्येक कोच में लगभग 300 यात्रियों के बैठने और खड़े होने की क्षमता होगी, जिससे तीन कोच वाली ट्रेन की कुल क्षमता लगभग 900 यात्रियों की प्रति यात्रा हो जाएगी। बयान में कहा गया है कि कॉरिडोर में लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक आठ रणनीतिक रूप से स्थित स्टेशन होंगे, ताकि प्रमुख आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार हो सके। 

2028 तक शुरू होगा परिचालन

स्टेशन प्लेटफॉर्म को 74 मीटर की लंबाई के साथ डिजाइन किया गया है, जो तीन कोच वाली ट्रेन संचालन के लिए अनुकूलित है। डीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया, "मार्च 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। निर्माण कार्य अब शुरू हो गया है और कॉरिडोर के 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। (इनपुट-पीटीआई)

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