नई दिल्ली: दिल्ली के कुख्यात गैंगेस्टर नीरज बवाना से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। नीरज बवाना को दिल्ली हाई कोर्ट से पैरोल मिल गई है। नीरज को ये राहत अपनी प्रेग्नेंट पत्नी से अस्पताल में मिलने के लिए दी गई है। पैरोल की अवधि 2 दिन रहेगी।
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क्या है पूरा मामला?
दिल्ली हाई कोर्ट ने 2015 के जेल वैन हत्याकांड के आरोपी नीरज सहरावत उर्फ नीरज बवाना को 2 दिन की पैरोल दी है लेकिन इस दौरान भी वह हिरासत में रहेगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने नीरज को ये राहत अपनी गर्भवती पत्नी से मिलने के लिए दी है क्योंकि वह वर्तमान में अस्पताल में भर्ती हैं और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का इलाज करवा रही है।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने सोमवार को ये आदेश पारित किया कि नीरज बवाना 5 और 6 जून, 2026 को अपनी पत्नी से मिल सकेगा, हालांकि इस दौरान उसे कड़ी पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने सोमवार को अपने आदेश में कहा, "मेडिकल रिकॉर्ड में आवेदक की पत्नी का स्वास्थ्य गंभीर हालत में है, इसकी पुष्टि पुलिस की ओर से भी की गई है। ऐसे में मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए न्यायालय, आवेदक को 5 जून और 6 जून, 2026 को दो दिनों की अवधि के लिए हिरासत पर पैरोल देना उचित समझता है।"
हाई कोर्ट ने संबंधित जेल अधीक्षक को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि मामला नीरज बवाना से जुड़ा है जोकि हाई रिस्क वाला विचाराधीन कैदी है। मिली जानकारी के मुताबिक, 5 और 6 जून को वह सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक हॉस्पिटल में अपनी बीमार पत्नी से मिल सकेगा।
90 दिन की अंतरिम जमानत की याचिका दायर की थी
नीरज बवाना ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 90 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी। इस याचिका में नीरज ने कहा था कि उसकी पत्नी की शारीरिक और इमोशनल सहायता के लिए जमानत बहुत आवश्यक है।
नीरज की पत्नी को हुआ क्या है?
नीरज बवाना की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील एन हरिहरन और सिद्धार्थ यादव ने बताया कि नीरज की पत्नी हाई रिस्क वाली ट्राइकोरियोनिक ट्राइम्निओटिक ट्रिपलेट प्रेग्नेंसी का इलाज करवा रही हैं। ये सामान्य प्रेग्नेंसी नहीं है। इसमें आवश्यक है कि पति नीरज, फिजिकल और इमोशनल सहारा देने के लिए पत्नी के साथ उपस्थित रहें। वकीलों का कहना था कि नीरज की पत्नी की हालत ठीक नहीं है, ऐसे में अंतरिम जमानत मिलनी चाहिए।
वहीं इस मामले में Additional Public Prosecutor (APP) का कहना था कि आवेदक की पत्नी के मेडिकल डॉक्यूमेंट्स का सत्यापन तो हो चुका है लेकिन आवेदक (नीरज) का कुख्यात गिरोहों को चलाने का इतिहास रहा है और वह एक कुख्यात अपराधी है। उस पर 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। ऐसे में वह हाई रिस्क वाला कैदी है और ऐसे में ये आशंका है कि अगर उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह कानून की उचित प्रक्रिया से बचने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।