दिल्ली में निवास कल्याण समितियों (आरडब्ल्यूए) ने स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि वे आवारा कुत्तों से संबंधित किसी भी समस्या के बारे में सबसे पहले अपने संबंधित आरडब्ल्यूए को सूचित करें, ताकि शिकायतों को त्वरित समाधान के लिए व्यवस्थित रूप से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) तक पहुंचाया जा सके। आरडब्ल्यूए के संयुक्त संगठन ‘यूनाइटेड रेजिडेंट्स ऑफ दिल्ली’ (यूआरडी) के अध्यक्ष सौरभ गांधी ने कहा कि संगठन ने अपनी सदस्य समितियों से निवासियों के बीच जागरूकता फैलाने को कहा है। गांधी ने कहा, "यदि आवारा कुत्तों या निर्धारित भोजन स्थलों से संबंधित कोई चिंता है, तो निवासियों को तुरंत अपने आरडब्ल्यूए को सूचित करना चाहिए। आरडब्ल्यूए इन शिकायतों को त्वरित कार्रवाई के लिए एमसीडी को भेजेंगे।"
RWA ने कही ये बात
उन्होंने कहा कि यह प्रणाली हिंसक कुत्तों और उनसे उत्पन्न होने वाली समस्याओं की पहचान करने में मदद करेगी। ‘यूनाइटेड रेजिडेंट्स ज्वाइंट एक्शन’ (यूआरजेए) के अध्यक्ष अतुल गोयल ने कहा कि एसोसिएशन आवारा कुत्तों से संबंधित समस्याओं की पहचान करने और उन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर भी काम करेंगे। गोयल ने कहा, "हम यह समझेंगे कि भोजन स्थल किस प्रकार काम कर रहे हैं और आवारा कुत्तों की समस्या को सुलझाने के लिए निवासियों और एमसीडी के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करेंगे।"
तीन दिन से भूखे 26 कुत्तों को किया गया रेस्क्यू
इसके अलावा एक दूसरे मामले में केरल में त्रिपुनिथुरा के पास इरूर में तीन दिन से भूखे रह रहे विदेशी नस्ल के 26 कुत्तों को पशु अधिकारों से जुड़े एक संगठन ने एक किराए के घर से बचाया। ‘सोसाइटी फॉर प्रीवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स’ (एसपीसीए) एर्नाकुलम के अनुसार, इरूर निवासी सुधीश पिछले तीन महीनों से व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए कुत्तों का प्रजनन करा रहे थे। वह अपने 10 साल के बेटे के साथ घर में रहते थे। इसने कहा, “निवासियों के संघ की इस शिकायत के बाद कि कुत्ते परेशानी का सबब बन गए हैं, त्रिपुनिथुरा नगरपालिका ने सात अगस्त को सुधीश और घर के मालिक को नोटिस जारी किया। मालिक ने उन्हें तुरंत परिसर खाली करने के लिए कहा।’’