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Satyendra Jain: सीबीआई कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की न्यायिक हिरासत बढ़ाने से किया मना, ED को कही ये बात

 Published : Jun 27, 2022 11:59 am IST,  Updated : Jun 27, 2022 11:59 am IST

Satyendra Jain: सत्येंद्र जैन के ऊपर धन संशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी वह न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। ED जैन के ऊपर हवाला के आरोपों को लेकर जांच कर रही है।

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Satyendra Jain Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • मनी लॉन्डरिंग मामले में ED की हिरासत में हैं जैन
  • दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं सत्येन्द्र जैन
  • ऑक्सीजन लेवल में कमी होने की शिकायत की वजह से कराए गए थे भर्ती

Satyendra Jain: मनी लॉन्डरिंग मामले में ED की हिरासत में दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन को विशेष सीबीआई कोर्ट उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने से मना कर दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए न्यायिक हिरासत को बढ़ाने से मना कर दिया क्योंकि जैन अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश नहीं किया गया। साथ कोर्ट में उनकी तरफ से कोई वकील पेश हुआ। सीबीआई कोर्ट ने ED को निर्देश दिया कि सत्येंद्र जैन को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में पेश किया जाए। 

मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुए हैं गिरफ्तार

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सत्येंद्र जैन को 30 मई को गिरफ्तार किया था। जैन के ऊपर धन संशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी वह न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। ED जैन के ऊपर हवाला के आरोपों को लेकर जांच कर रही है। आपको बता दें कि  दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री को गिरफ्तार किये जाने के बाद उनके अधीन आने वाले सभी विभाग दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सौंप दिए गए हैं।

स्वास्थ्य कारणों पर कोर्ट ने किया था जमानत से इंकार

आपको बता दें कि मनी लॉन्डरिंग के मामले में ED द्वारा पिछले महीने गिरफ्तार किए गए दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया था। विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने जैन को राहत देने से इंकार करते हुए कहा कि उनकी चिकित्सा स्थिति दिखाने वाले दस्तावेजों के अभाव में आरोपी को केवल इस आधार पर जमानत पर नहीं छोड़ा जा सकता कि वह ‘स्लीप एपनिया’ से पीड़ित हैं। अदालत ने यह भी कहा था कि अगर जमानत दी जाती है, तो इस बात की संभावना है कि जैन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं, क्योंकि वह रसूखदार पद पर हैं। अदालत ने जैन के अधिवक्ता की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि आरोपी ‘स्लीप एपनिया’ से पीड़ित है, जो ‘काफी गंभीर’ है। 

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