1. Hindi News
  2. धर्म
  3. May Purnima Vrat 2026: अधिक मास का पूर्णिमा व्रत कब है 30 या 31 मई? नोट कर लें सही तारीख और मुहूर्त

May Purnima Vrat 2026: अधिक मास का पूर्णिमा व्रत कब है 30 या 31 मई? नोट कर लें सही तारीख और मुहूर्त

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : May 28, 2026 07:31 am IST,  Updated : May 28, 2026 07:32 am IST

May Purnima Vrat 2026: इस बार मई में दो पूर्णिमा का दुर्लभ संयोग बना है। मई की पहली पूर्णिमा 1 तारीख को मनाई जा चुकी है तो अब इस महीने की दूसरी पूर्णिमा पड़ेगी। यह ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा होगी। नोट कर लें इसकी सही तारीख और मुहूर्त।

may purnima- India TV Hindi
मई में पूर्णिमा व्रत कब है Image Source : INDIA TV

May Purnima Vrat 2026: सनातन धर्म में अधिक मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस महीने की पूर्णिमा पर सच्चे मन से व्रत रखता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस पूर्णिमा को पुरुषोत्तम पूर्णिमा भी कहते हैं। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना के लिए बेहद पुण्य दायी माना जाता है। इस विशेष दिन पर पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। चलिए अब जानते हैं मई की पूर्णिमा की सही तारीख और मुहूर्त।

मई में पूर्णिमा कब है 2026 (May Purnima 2026 Date)

मई में अधिक मास की पूर्णिमा पड़ेगी। जिसकी शुरुआत 30 मई की सुबह 11 बजकर 57 मिनट से होगी और इसका समापन 31 मई की दोपहर 2 बजकर 14 मिनट पर होगा। 

पूर्णिमा व्रत कब रखा जाएगा 2026 (Purnima Vrat May 2026) 

मई में पूर्णिमा व्रत 30 तारीख को रखा जाएगा और पूर्णिमा का स्नान-दान 31 मई 2026 को किया जाएगा। पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय 30 मई की रात 7 बजकर 36 मिनट पर होगा।

अधिक मास पूर्णिमा व्रत मुहूर्त (30 मई 2026)

  • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त - दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 6 बजकर 38 मिनट से 7 बजकर 1 मिनट तक
  • निशिता मुहूर्त - शाम 7 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 33 मिनट तक

अधिक मास पूर्णिमा स्नान-दान मुहूर्त 2026

अमृत काल  - 04:33 AM से 06:20 AM

ब्रह्म मुहूर्त - 04:08 AM से 04:56 AM
अभिजीत मुहूर्त - 11:57 AM से 12:51 PM

अधिक मास की पूर्णिमा पर क्या करें

  • इस दिन व्रत रखें और शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
  • इस दिन नदी स्नान जरूर करें। कहते हैं इससे सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
  • ये दिन दान, पुण्य और तप करने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
  • इस शुभ दिन पर गीता पाठ और विष्णु सहस्रनाम का पाठ बेहद पुण्यदायी माना जाता है।
  • इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

June Panchak 2026: जून में लगेगा मत्यु पंचक, कब से होगा शुरू? इन खतरनाक दिनों में नहीं किए जाते ये 5 काम

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।