1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. ब्रिटिश टीम ने किया तिहाड़ जेल का दौरा, भगोड़ों को भारत वापस लाने की कोशिशें तेज

ब्रिटिश टीम ने किया तिहाड़ जेल का दौरा, भगोड़ों को भारत वापस लाने की कोशिशें तेज

 Reported By: Atul Bhatia Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 06, 2025 02:24 pm IST,  Updated : Sep 06, 2025 02:24 pm IST

ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस की टीम ने तिहाड़ जेल का निरीक्षण किया ताकि भगोड़े आर्थिक अपराधियों जैसे विजय माल्या और नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को आसान बनाया जा सके। भारत ने CPS की टीम को भरोसा दिलाया कि जेल में मानवीय व्यवहार होगा।

Tihar Jail inspection, UK CPS India visit- India TV Hindi
तिहाड़ जेल। Image Source : PTI

नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों को वापस लाने की कोशिशों को नई गति मिली है। इसी कड़ी में ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) की एक उच्चस्तरीय टीम ने हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल भगोड़ों के प्रत्यर्पण को आसान बनाना और ब्रिटिश अदालतों को यह भरोसा दिलाना था कि भारत में प्रत्यर्पित आरोपियों को तिहाड़ जेल में सुरक्षित और मानवीय माहौल दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, CPS की टीम ने तिहाड़ जेल के हाई-सिक्योरिटी वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद कैदियों से बातचीत भी की।

किसी भी आरोपी के साथ मारपीट नहीं होगी

भारतीय अधिकारियों ने ब्रिटिश टीम को आश्वस्त किया कि जेल में किसी भी आरोपी के साथ न तो मारपीट होगी और न ही गैरकानूनी पूछताछ की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जरूरत पड़ने पर जेल परिसर में स्पेशल 'एन्क्लेव' बनाया जाएगा, जहां विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल आरोपियों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के वर्षों में ब्रिटेन की अदालतों ने तिहाड़ जेल की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाते हुए भारत की कई प्रत्यर्पण याचिकाओं को खारिज किया था। इनमें विजय माल्या, नीरव मोदी, हथियार कारोबारी संजय भंडारी और कुछ खालिस्तानी नेताओं के मामले शामिल हैं।

भारत के 178 प्रत्यर्पण अनुरोध लंबित

भारत सरकार ने इस दौरे के माध्यम से ब्रिटेन को यह गारंटी दी है कि प्रत्यर्पित आरोपियों के मानवाधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के 178 प्रत्यर्पण अनुरोध विभिन्न देशों में लटके हुए हैं, जिनमें से करीब 20 अकेले ब्रिटेन में हैं। इनमें से कई मामले आर्थिक अपराधों से जुड़े हैं, जिनमें बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने CPS की टीम को जेल की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों के साथ होने वाले व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सरकार का यह प्रयास भगोड़े अपराधियों को यह संदेश देता है कि वे कानून से बच नहीं सकते।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।