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HSSC की फर्जी वेबसाइट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार; लगभग 77 लोग हुए शिकार

 Edited By: Akash Mishra
 Published : Jun 07, 2025 05:49 pm IST,  Updated : Jun 07, 2025 05:49 pm IST

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की फर्जी वेबसाइट के जरिये नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाने वाले गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता को हरियाणा पुलिस ने गोरखपुर से अरेस्ट किया है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : FILE

हरियाणा पुलिस ने फर्जी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की वेबसाइट के जरिए नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाने वाले साइबर रैकेट के मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया है। हरियाणा गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने बताया कि फर्जी पोर्टल बनाने वाले व्यक्ति ने फर्जी पोर्टल का संचालन किया था। हालांकि उस व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि उसे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस घोटाले के सिलसिले में कुल छह लोग पुलिस हिरासत में हैं।

उन्होंने बताया कि इनमें से चार गोरखपुर से, एक कुरुक्षेत्र से और एक फतेहाबाद से है। उन्होंने बताया कि गिरोह ने CET 2025 पंजीकरण के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के आधिकारिक पोर्टल की नकल करने के लिए एक नकली वेबसाइट का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि यह साइट किसी तीसरे पक्ष के डोमेन पर होस्ट की गई थी और इसका उपयोग पंजीकरण शुल्क के रूप में क्यूआर कोड के माध्यम से अनजान उम्मीदवारों से धन एकत्र करने के लिए किया जाता था।

लगभग 77 उम्मीदवारों से लगभग 22,530 रुपये की ठगी

उन्होंने कहा कि घोटाले का पता चलने के बाद, HSSC ने पंचकूला के सेक्टर-5 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और फर्जी वेबसाइट को गूगल से हटा दिया गया। साथ ही क्यूआर कोड को निष्क्रिय कर दिया गया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, घोटाले के माध्यम से लगभग 77 उम्मीदवारों से लगभग 22,530 रुपये की ठगी की गई।

जांच का नेतृत्व कर रहीं पंचकूला की पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता ने कहा, "हम सभी उम्मीदवारों को सलाह देते हैं कि वे केवल 'gov.in' डोमेन वाली आधिकारिक वेबसाइटों का उपयोग करें और क्यूआर कोड या यूपीआई आईडी के माध्यम से भुगतान करने से बचें। हमारे युवाओं की आकांक्षाओं का फायदा उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को सख्त कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।"

उन्होंने कहा, "यदि किसी अभ्यर्थी को कोई संदिग्ध लिंक या भुगतान अनुरोध मिलता है, तो उन्हें तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर अपराध हेल्पलाइन पर मामले की सूचना देनी चाहिए।" (Input PTI)

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