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क्या आपका iPhone भी हो रहा स्लो? Apple भेज रहा मालवेयर वाला अपडेट? जानें पूरा मामला

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : May 08, 2026 11:15 am IST,  Updated : May 08, 2026 12:12 pm IST

एप्पल के पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दावा किया है कि कंपनी नया iPhone लॉन्च करते ही पुराने फोन के लिए अपडेट जारी करती है, जो उसे स्लो कर देता है। कंपनी जानबूझकर डिवाइस में मालवेयर भेजती है, ताकि फोन की परफॉर्मेंस स्लो हो जाए।

Apple Smartphone update- India TV Hindi
एप्पल स्मार्टफोन अपडेट Image Source : INDIA TV

Apple के पूर्व कर्मचारी ने कंपनी पर बड़ा आरोप लगाया है। अमेरिकी टेक कंपनी जानबूझकर iPhone में मालवेयर भेजकर फोन स्लो कर देती है, ताकि यूजर्स नया आईफोन खरीदने पर मजबूर हो जाए। दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी में से एक एप्पल पर इस आरोप का असर दुनियाभर के लाखों आईफोन यूजर्स पर पड़ सकता है। कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी का दावा है कि कंपनी सॉफ्टवेयर अपडेट के नाम पर आईफोन में मालवेयर भेजती है, जिसका असर फोन की परफॉर्मेंस पर पड़ता है।

पूर्व कर्मचारी का आरोप

एप्पल के पूर्व सॉफ्टवेटर इंजीनियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया है कि एप्पल जब नया आईफोन लॉन्च करता है, तो पुराने डिवाइस के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट रिलीज करता है। पुराने फोन को स्लो करने के लिए अपडेट के साथ मालवेयर भेजा जाता है। आईफोन के स्लो होने की वजह से यूजर्स मजबूरी में नए डिवाइस में अपग्रेड होते हैं।

पहले भी लग चुका है आरोप

इससे पहले भी एप्पल को लेकर ऐसा दावा किया जा चुका है। साल 2017 की जनवरी में कंपनी ने अपने नए ऑपरेटिंग सिस्टम iOS 10.2.1 को रोल आउट किया था। इस अपडेट के बाद से कई iPhone 6 यूजर्स ने दावा किया था कि उन्हें फोन की बैटरी में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की समस्या आई है। इसमें गौर करने वाली बात ये है कि इस अपडेट के रिलीज से महज 3 महीने पहले ही कंपनी ने iPhone 7 को मार्केट में लॉन्च किया था।

कई iPhone 6 यूजर्स ने उस समय दावा किया था कि फोन की बैटरी 30% तक डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद ही अपने आप शटडाउन हो रहे थे। हालांकि, कंपनी ने बाद में नया अपडेट रिलीज करके इस दिक्कत को दूर किया था। इस दौरान कई यूजर्स ने कंपनी पर डिवाइस थ्रोटल के जरिए बैटरी खराब करने और डिवाइस स्लो करने के केस ठोक दिए थे। बाद में एप्पल ने कई यूजर्स के डिवाइस की बैटरी को फ्री में रिप्लेस किया था।

iPhone
Image Source : UNSPLASHआईफोन

एप्पल ने फिलहाल पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर के इस आरोप पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, ये मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। कई आईफोन यूजर्स खुद को ठगे महसूस कर रहे हैं। अब सवाल ये उठता है कि क्या कंपनियां ऐसा कर सकती हैं?

अपडेट के समय क्यों स्लो होता है फोन?

अभी तक लॉन्च हुए सभी आईफोन में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। करीब 3 साल तक इस बैटरी की हेल्थ ठीक रहती है यानी यह पूरी ताकत के साथ फोन में करंट सप्लाई कर सकती है। तीन साल के बाद बैटरी की क्षमता घटकर 80% तक पहुंच जाती है। ऐसे में डेली फोन यूज करने में तो कोई दिक्कत नहीं आती है, लेकिन जब कोई नया अपडेट आता है, तो बैटरी को अचानक ज्यादा करंट की जरूरत होती है।

बैटरी पर्याप्त एम्पियर नहीं जेनरेट कर पाती है, जिसकी वजह से फोन शटडाउन हो जाता है, जैसा कि iPhone 6 के केस में हुआ था। इसलिए अपडेट करते समय फोन को चार्ज पर लगाकर रखने के लिए कहा जाता है। सिस्टम ऑन चिप पर ज्यादा जोर पड़ने पर फोन की परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ता है और डिवाइस हैंग करने लगता है।

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