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कैसै बनती है बिजली? कोयले का क्या होता है रोल

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 03, 2023 04:09 pm IST,  Updated : Jun 03, 2023 04:09 pm IST

हमारी आम लाइफ से लेकर हर चीज में बिजली का कितना बड़ा रोल है, ये तो हम सभी जानते हैं। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि बिजली को कैसे बनाया जाता है? आज हम आपको इस खबर के जरिए बताएंगे कि बिजली का उत्पादन कैसे होता है।

कैसे बनाई जाती है बिजली- India TV Hindi
कैसे बनाई जाती है बिजली Image Source : PIXABAY

How Do Produce Electricity: आज के इस आधुनिक समय में दुनिया ने एडवांस उपकरणों को बनाने में एक नया आयाम खड़ा कर दिया है। आधुनिकता की इस दौड़ में सभी लोग आधुनिक उपकरणों से जुड़ गए हैं। अगर इनके संचालन में  कोई अहम किरदार निभाता है तो वो है बैट्रीज और इलेक्ट्रिसिटी। जिसके बिना कई उपकरण बेकार हैं, ऐसा कह सकते हैं। हालांकि बहुत से ऐसे उपकरण होते हैं जो सिर्फ बिजली से ही संचालित किए जा सकते हैं। इससे आप ये तो समझ ही गए होंगे कि हमारी आम लाइफ से लेकर हर चीज में बिजली का कितना बड़ा रोल है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि बिजली को कैसे बनाया जाता है? आखिर कोयले से कैसे बनाई जाती है बिजली। आज हम आपको इस खबर के जरिए बताएंगे कि बिजली का उत्पादन कैसे होता है। 

हार्ड कोयले को पाउडर में बदलते हैं 

ये तो हम बखूबी जानते हैं कि कोयले का इस्तेमाल मुख्यत: इंधन के रूप किया जाता है। लोकिन शायद कई लोगों को ये बात न कि कोयले का इस्तेमाल बिजली बनानें में भी किया जाता है। दरअसल, इलेक्ट्रिक पॉवर प्लांट का काफी लंबे एरिया में फैलाव होता है, जिसमें कई यूनिट होती हैं। इसमें मौजूद प्रत्येक यूनिक का अपना अलग काम होता है। सारी यूनिट्स में पहला काम कोयला स्टोर का होता है, जिसमें कई मिलियन टन कोयले को स्टोर किया जाता है। किसी भी पावर प्लांट का 50% एरिया कोल यार्ड ही ले लेता है। कोयले को स्टोर से निकालकर क्रशर मशीन से तोड़कर फिर पोलराइजर से पाउडर में बदल दिया जाता है। 

प्रतीकात्मक फोटो
Image Source : FILE प्रतीकात्मक फोटो

प्रेशर से गिराई जाती है भाप 
कोयले को पाउडर में बदलने के बाद इस एक खास तरीके से जलाया जाता है, जिससे एयर ऐश अगल तरह से बनकर अलग हो जाती है। वहीं ऊपर पानी की ट्यूब्स होती हैं जो बहुत जल्दी हीट जाती हैं, इनसे भाप बनाई जाती है। इस भाप के जरिए दूसरी यूनिट में लगे टरबाइन को चलाया जाता है। जिसके बाद बिजली बनाई जाती है। स्टीम को टरबाइन पर इतने प्रेशर से डाला जाता है कि वह बहुत तेजी से नाचने लगता है। जब टरबाइन काफी तेजी से घूम रही होती है तो वहां उससे जुड़ा जनरेटर चलने लगता है जिससे बिजली बन जाती है। जानकारी के लिए बता दें कि ये गोल टरबाइन पंखे की तरह होती है, जिसे प्रेशर स्टीप के जरिए चलाया जाता है। 

फैराडे का विद्युत चुम्बकीय प्रेरणा नियम के आधार पर होता है काम
जानकारी दे दें कि बिजली बनाने के लिए फैराडे का विद्युत चुम्बकीय प्रेरणा के नियम के आधार पर काम किया जाता है।  इसमें एक मेग्नेटिक एरिया के जरिए एक तार को घुमाकर बिजली की प्रोडक्टिविटी होती है। इस दौरान टरबाइन पर खास प्रेशर का ध्यान रखा जाता है, जिससे टरबाइन काफी तेज घूमता है और इससे जुड़ा अल्टरनेटर भी तेज घूमता है और आसानी से बिजली बनने लगती है। 

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