पटनाः बिहार में अगले 5 वर्षों में एक लाख शिक्षकों की भर्ती होगी। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी है। सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग के सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक की। उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा मंत्री और ACS के अलावा कई सीनियर अधिकारी मौजूद रहे।
बिहार में हर साल शिक्षकों की होगी भर्ती
सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि अगले 5 वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। इसके अन्तर्गत प्रत्येक वर्ष कम से कम लगभग 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। इसके लिये हर वर्ष जुलाई महीने में नियुक्ति संबंधी विज्ञापन जारी किया जायेगा।
शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बनेगी नीति
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शिक्षकों के स्थानान्तरण को पारदर्शी एवं सुगम बनाने को लेकर शिक्षा विभाग को निदेशित किया गया है कि महिला शिक्षकों का स्थानान्तरण यथासंभव गृह जिले के अपने प्रखण्ड के गृह पंचायत के बगल के पंचायत में और पुरूष शिक्षकों को गृह जिले के अपने गृह प्रखण्ड के बगल के प्रखण्ड में स्थानान्तरण करने हेतु नीति बनायी जाय। राज्य के सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पोशाक की आपूर्ति जीविका के माध्यम से किया जाय। इससे पोशाक की आपूर्ति के साथ महिला स्वावलंबन को भी बल मिलेगा।
शिक्षक भर्ती परीक्षा की अधिसूचना में देरी को लेकर प्रदर्शन
बिहार में टीआरई-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा की अधिसूचना में देरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कई अभ्यर्थियों को बुधवार को पटना पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को पटना कॉलेज और बिहटा के पास रोककर हिरासत में लिया गया, जबकि वे अशोक राजपथ से डाकबंगला चौराहा तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि प्रदर्शन केवल गर्दनीबाग में ही आयोजित किए जा सकते हैं और सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में बल तैनात किया गया है।
पिछले सप्ताह हुए प्रदर्शन में पुलिस ने लगभग 5,000 अज्ञात अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और चार लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित किया, बैरिकेड तोड़े और पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया। टीआरई-4 के जरिए 1.20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।